- आराधना गीत
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर का धन्यवाद और यशगान
- I
- लाए गए हैं हम परमेश्वर के सामने,
- खाते-पीते हैं हम वचन उनका।
- करते हैं प्रबुद्ध हमें पवित्र आत्मा,
- समझते हैं सत्य हम जो बोलते हैं परमेश्वर।
- कर दिए हैं हमने दर-किनार, धर्म की रस्में और बंधन सारे।
- नियमों से बंधनरहित, आज़ाद हैं दिल हमारे।
- और परमेश्वर के प्रकाश में रहकर,
- जितना हो सके ख़ुश हैं हम, जितना हो सके ख़ुश हैं हम।
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर का धन्यवाद और यशगान,
- जो व्यक्त करते हैं सत्य सारी इंसानियत के लिये।
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर का धन्यवाद और यशगान,
- मार्ग है पास हमारे ख़ुद को बदलने के लिये,
- ख़त्म होती है अज्ञात आस्था हमारी।
- करें हम यशगान, यशगान।
- II
- करें अनुसरण परमेश्वर का करीब से हम,
- करें तालीम राज्य की स्वीकार हम।
- न्याय परमेश्वर का है तलवार की तरह,
- करता है उजागर ख़्याल हमारे।
- अज्ञानता, ख़ुदग़र्ज़ी, और झूठ छुप नहीं पाते।
- तभी सिर्फ़ देखता हूँ सत्य अपना,
- शर्मिंदा हो झुकता परमेश्वर के सामने, परमेश्वर के सामने।
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर का धन्यवाद और यशगान,
- जो व्यक्त करते हैं सत्य सारी इंसानियत के लिये।
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर का धन्यवाद और यशगान,
- परमेश्वर से रूबरू हैं हम,
- उसकी ख़ुशी में आनंद मनाते हैं हम।
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर का धन्यवाद और यशगान,
- पवित्र हो तुम, हो धार्मिक तुम,
- मेरी ख़्वाहिश है, सत्य पर अमल करूँ,
- लेने फिर से जन्म, देह को त्याग दूँ,
- दिल को तुम्हारे सुकून दूँ।
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर का धन्यवाद और यशगान,
- न्याय ने तुम्हारे सचमुच बचा लिया मुझको।
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर का धन्यवाद और यशगान,
- बदल गया है स्वभाव मेरा।
- तुम्हारे कारण मैं धन्य हुई, मैं धन्य हुई।
- "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से
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