स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांच के क्रम में
परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांच के क्रम में
क्या अब तुम लोगों के पास परमेश्वर के अधिकार का एक नया ज्ञान है? पहला, परमेश्वर का अधिकार जिसका अभी जिक्र किया गया, और मनुष्य की सामर्थ में एक अन्तर है। और वह अन्तर क्या है? कुछ लोग कहते हैं कि दोनों के बीच कोई तुलना नहीं की जा सकती है। यह सही है! यद्यपि लोग कहते हैं कि दोनों के बीच में कोई तुलना नहीं की जा सकती है, फिर भी मनुष्य के विचारों और धारणाओं में कई बार उन दोनों को अगल बगल रखकर तुलना करते हुए मनुष्य की सामर्थ अकसर अधिकार के साथ भ्रम में पड़ जाती है। यहाँ पर क्या हो रहा है? क्या लोग असावधानी से एक को दूसरे से बदलने की ग़लती नहीं कर रहे हैं?