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गुरुवार, 11 अप्रैल 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांच के क्रम में



स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांच के क्रम में

परमेश्वर का अधिकार (I)     भाग पांच के क्रम में
क्या अब तुम लोगों के पास परमेश्वर के अधिकार का एक नया ज्ञान है? पहला, परमेश्वर का अधिकार जिसका अभी जिक्र किया गया, और मनुष्य की सामर्थ में एक अन्तर है। और वह अन्तर क्या है? कुछ लोग कहते हैं कि दोनों के बीच कोई तुलना नहीं की जा सकती है। यह सही है! यद्यपि लोग कहते हैं कि दोनों के बीच में कोई तुलना नहीं की जा सकती है, फिर भी मनुष्य के विचारों और धारणाओं में कई बार उन दोनों को अगल बगल रखकर तुलना करते हुए मनुष्य की सामर्थ अकसर अधिकार के साथ भ्रम में पड़ जाती है। यहाँ पर क्या हो रहा है? क्या लोग असावधानी से एक को दूसरे से बदलने की ग़लती नहीं कर रहे हैं?

बुधवार, 10 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सत्रहवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सत्रहवाँ कथन

मेरी आवाज़ सभी चारों दिशाओं एवं सम्पूर्ण पृथ्वी को रोशन करते हुए, गर्जना के समान बाहर निकलती है, और गर्जना और चमकती हुई बिजली के बीच, मानवजाति मार गिराई जाती है। कोई भी मनुष्य कभी भी गर्जना और चमकती हुई बिजली के बीच अडिग नहीं रहा हैः मेरी रोशनी के आने पर अधिकांश मनुष्य दहशत में पड़ जाते हैं और नहीं जानते हैं कि क्या करें। जब पूर्व दिशा में रोशनी की हलकी सी चमक दिखाई देनी शुरू होती है, तो कई लोग, इस हल्की सी चमक द्वारा प्रेरित हो कर, तत्काल अपने भ्रम से जाग जाते हैं। फिर भी किसी ने कभी भी यह महसूस नहीं किया कि वह दिन आ गया है जब मेरी रोशनी पृथ्वी पर उतरती है।

मंगलवार, 9 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सोलहवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सोलहवाँ कथन

ऐसा बहुत कुछ है जो मैं मनुष्य से कहना चाहता हूँ, बहुत सी चीजें हैं जो मुझे उसे अवश्य बतानी चाहिए। परन्तु मनुष्य में स्वीकृति की योग्यताओं का अत्यधिक अभाव हैः मेरे वचनों को, जिस अनुसार मैं प्रदान करता हूँ, उस अनुसार समझने में पूरी तरह से अक्षम है, और केवल एक ही पहलू को वह समझता है किन्तु दूसरे के प्रति अनभिज्ञ रहता है। फिर भी, मैं मनुष्य को उसकी शक्तिहीनता की वजह से मृत्यु नहीं देता हूँ, न ही मैं उसकी कमज़ोरी से व्यथित हूँ।

सोमवार, 8 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - पन्द्रहवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - पन्द्रहवाँ कथन

मनुष्य एक आत्मज्ञान रहित प्राणी है। फिर भी, स्वयं को जानने में असमर्थ वह इसके बावजूद अपनी हथेली के समान अन्य हर किसी को जानता है, मानो कि कुछ भी कहने या करने से पूर्व अन्य सभी उसके "निरीक्षण" से गुजरते हों या उसका अनुमोदन प्राप्त करते हों, इस प्रकार से मानो कि, उसने अन्य सभी की उनकी मनोवैज्ञानिक अवस्था तक पूर्ण रूप से माप ले ली हो। सभी मनुष्य इसी प्रकार के हैं। आज मनुष्य परमेश्वर के राज्य के युग में प्रवेश कर चुका है, परंतु उसका स्वभाव अपरिवर्तित रहा है।

रविवार, 7 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - चौदहवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - चौदहवाँ कथन

युगों-युगों से, किसी भी मनुष्य ने राज्य में प्रवेश नहीं किया है और इसलिए किसी ने भी राज्य के युग के अनुग्रह का आनंद नहीं लिया है, किसी ने भी राज्य के राजा को नहीं देखा है। यद्यपि मेरे आत्मा की रोशनी में बहुत से लोगों ने मेरे राज्य की सुंदरता की भविष्यवाणी की है, किन्तु वे केवल उसके बाहरी रूप को जानते हैं, उसके भीतरी महत्व को नहीं। आज, जब राज्य पृथ्वी पर औपचारिक रूप में अस्तित्व में आता है, तो अधिकांश मानवजाति अभी भी नहीं जानती है की क्या संपन्न करना है, राज्य के युग के दौरान, कौन से क्षेत्र में अंततः मनुष्य को लाया जाना है। इसके बारे में, मुझे डर है कि सभी मनुष्य भ्रम की अवस्था में हैं।

शनिवार, 6 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - तेरहवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - तेरहवाँ कथन

मेरी आवाज़ की घोषणाओं के भीतर मेरे कई इरादे छुपे होते हैं। परन्तु मनुष्य उनमें से किसी को भी नहीं जानता और समझता है, और मेरे हृदय को जानने या मेरे वचनों के भीतर मेरी इच्छा का सहजज्ञान करने में समर्थ हुए बिना बाहर ही बाहर मेरे वचनों को ग्रहण करता रहता है और बाहर ही बाहर उनका अनुसरण करता रहता है। यहाँ तक कि यदि मैंने अपने वचनों को स्पष्ट कर दिया है तब भी क्या कोई समझा है? सिय्योन से मैं मानवजाति में आया।

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - बारहवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - बारहवाँ कथन

जब पूर्व से बिजली चमकती है—जो कि निश्चित रूप से वही क्षण भी होता है जब मैं बोलना आरम्भ करता हूँ—जिस क्षण बिजली प्रकट होती है, तो संपूर्ण नभमण्डल जगमगा उठता है, और सभी तारे रूपान्तरित होना शुरू कर देते हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरी मानवजाति को उचित प्रकार से शुद्ध करने और काट-छाँट करने के अधीन कर दिया गया हो। पूर्व के प्रकाश की इस किरण के नीचे, समस्त मानवजाति को उसके मूल स्वरूप में प्रकट किया जाता है चुँधियाई आँखें, भ्रम में हक्के बक्के; अभी भी वे अपनी कुरूप मुखाकृति को छिपाने में कम समर्थ हैं।

गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - ग्यारहवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - ग्यारहवाँ कथन

मानवजाति में प्रत्येक व्यक्ति को मेरे आत्मा के अवलोकन को स्वीकार करना चाहिए, अपने हर वचन और कार्य की बारीकी से जाँच करनी चाहिए, और इसके अलावा, मेरे चमत्कारिक कर्मों पर विचार करना चाहिए। पृथ्वी पर राज्य के आगमन के समय तुम लोग कैसा महसूस करते हो? जब मेरे पुत्र एवं लोग मेरे सिंहासन की ओर वापिस प्रवाहित होते हैं, तो मैं महान सफेद सिंहासन के सम्मुख औपचारिक रूप से न्याय आरम्भ करता हूँ।

बुधवार, 3 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - दसवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - दसवाँ कथन

आखिरकार, राज्य का युग बीते हुए समयों से अलग है। मनुष्य जो कुछ करता है यह उससे संबंधित नहीं है। उसके बजाए, पृथ्वी पर उतरने के बाद मैं व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करता हूँ-वह कार्य जिसका मनुष्य न तो अनुमान लगा सकते हैं और जिसे न ही पूरा कर सकते हैं। संसार की सृष्टि से लेकर आज तक, इन सारे वर्षों में यह हमेशा कलीसिया के निर्माण के विषय में था, किन्तु कोई भी राज्य के निर्माण के बारे में नहीं सुनता है। यद्यपि मैं अपने मुँह से इसके विषय में बात करता हूँ, फिर भी क्या कोई है जो उसके सार तत्व को जानता है?

मंगलवार, 2 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - नौवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - नौवाँ कथन

चूँकि तुम मेरे घराने के एक सदस्य हो, और चूँकि तुम मेरे राज्य में निष्ठावान हो, इसलिए तुम जो कुछ भी करते हो उसे उन मानकों को पूरा करना चाहिए जिसकी मैं अपेक्षा करता हूँ। मैं यह नहीं कहता हूँ कि तुम घुमक्कड़ बादल से ज्यादा और कुछ नहीं बनो, बल्कि तुम चमचमाती हुई बर्फ के समान बनो, और उसके सार को और उस से भी बढ़कर उसके मूल्य को धारण करो। क्योंकि मैं पवित्र भूमि से आया था, कमल के समान नहीं, जिसके पास केवल एक नाम है और कोई सार नहीं क्योंकि वह कीचड़ से आया था न कि पवित्र भूमि से।

सोमवार, 1 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - आठवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - आठवाँ कथन

जब मेरे प्रकाशन अपने चरम तक पहुँचते हैं, और जब मेरा न्याय एक अंत की ओर आता है, तो यह वह समय होगा जब मेरे सभी लोग प्रकट और पूर्ण किए जाते हैं। मेरे कदम उन लोगों की खोज करने के लिए संसार के सभी कोनों में चलते हैं जो मेरी रुचि को साझा करते हैं और मेरे उपयोग के लिए उचित हैं। कौन मेरे साथ खड़ा हो सकता है और मुझे सहयोग दे सकता है? मनुष्य का मेरे लिए प्रेम बहुत कम है और उसका मेरे ऊपर भरोसा दयनीय रूप से थोड़ा है।

रविवार, 31 मार्च 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सातवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सातवाँ कथन

पश्चिम की सभी शाखाओं को मेरी आवाज़ सुननी चाहिएः
अतीत में, क्या तुम लोग मेरे प्रति निष्ठावान रहे हो? क्या तुम लोगों ने मेरे परामर्श के उत्कृष्ट वचनों का पालन किया है? क्या तुम लोगों के पास ऐसी आशाएँ हैं जो वास्तविक हैं और अस्पष्ट और अनिश्चित नहीं हैं। मनुष्य की वफादारी, उसका प्रेम उसकी निष्ठा—जो कुछ मुझ से आता है उसके अलावा और कुछ नहीं है, जो कुछ मेरे द्वारा प्रदान किया जाता है उसके अलावा और कुछ नहीं है। मेरे लोगो, जब तुम लोग मेरे वचनों को सुनते हो, तो क्या तुम लोग मेरी इच्छा को समझते हो? क्या तुम लोग मेरे हृदय को देखते हो?

शनिवार, 30 मार्च 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - छठवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - छठवाँ कथन

आत्मा से सम्बन्धित मामलों में, तूझे कोमलतापूर्वक संवेदनशील होना चाहिए; मेरे वचनों के प्रति, तुझे सावधानीपूर्वक चौकस रहना पड़ेगा। तुझे मेरा आत्मा और शारीरिक स्वरूप, मेरे वचनों और शारीरिक स्वरूप को एक अखंड रूप में देखने की स्थिति में रहने का लक्ष्य बनाना चाहिए, ताकि सम्पूर्ण मानवता मुझे मेरी उपस्थिति में संतुष्ट करने के योग्य हो। मैंने अपने कदमों से बह्माण्ड को कुचला है, उसके पूरे विस्तार पर मेरी नज़रें लगी हुई हैं, और मैं सम्पूर्ण मानवजाति के मध्य चला-फिरा हूं, मानविक मीठे, खट्टे, कड़वे और तीखे अनुभवों को चखा हूं, परन्तु मनुष्य मुझे कभी भी वास्तव में समझ नहीं पाया है, न ही मुझे सम्पूर्ण विश्व में चलता हुआ देख पाया है।

शुक्रवार, 29 मार्च 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - पाँचवाँ कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - पाँचवाँ कथन

जब मेरा आत्मा आवाज देता है, तो यह मेरे सम्पूर्ण स्वभाव को व्यक्त करता है। क्या तुम लोग इस बारे में स्पष्ट हो? इस बिंदु पर अस्पष्ट होना प्रत्यक्षतः मेरा विरोध करने के बराबर होगा। क्या तुम लोगों ने इसमें निहित महत्व को वास्तव में देखा है? क्या तुम लोगों को सच में पता है कि मैं तुम पर कितना प्रयास, कितनी ऊर्जा, व्यय करता हूँ? क्या तुम लोगों ने मेरे सामने जो कुछ भी किया है उसे साफ-साफ कहने का तुम लोगों में वास्तव में साहस है?

गुरुवार, 28 मार्च 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - चौथा कथन



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - चौथा कथन

मेरे सभी लोगों को जो मेरे सम्मुख सेवा करते हैं अतीत के बारे में सोचना चाहिए कि: क्या मेरे प्रति तुम लोगों का प्रेम अशुद्धताओं से दागदार था? क्या मेरे प्रति तुम लोगों का वफादारी शुद्ध और सम्पूर्ण हृदय से था? क्या मेरे बारे में तुम लोगों का ज्ञान सच्चा था? मैंने तुम लोगों के हृदयों में मैंने कितना स्थान धारण किया? क्या मैंने उनकी सम्पूर्णता को भर दिया? मेरे वचनों ने तुम लोगों के भीतर कितना निष्पादित किया? मुझे मूर्ख न समझो! ये सब बातें मुझे पूर्णरूप से स्पष्ट हैं! आज, जैसे मेरी उद्धार की वाणी आगे कथन की जाती है, क्या मेरे प्रति तुम लोगों के प्रेम में कुछ वृद्धि हुई है? क्या मेरे प्रति तुम लोगों की निष्ठा का कुछ भाग शुद्ध हुआ है?

मंगलवार, 26 मार्च 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांच



परमेश्वर का अधिकार (I)     भाग पांच
नीचे दिए गए वचन परमेश्वर के अधिकार को जानने के लिए अति आवश्यक हैं, और उन का अर्थ नीचे सभा के विचार विमर्श में दिया गया है। आओ हम निरन्तर पवित्र शास्त्र को पढ़ते रहें।
4. शैतान को परमेश्वर की आज्ञा
(अय्यूब 2:6) यहोवा ने शैतान से कहा, "सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना।"

सोमवार, 25 मार्च 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग चार के क्रम में



परमेश्वर का अधिकार (I)    भाग चार के क्रम में
सभी चीज़ों व प्राणियों के ऊपर सृष्टिकर्ता के नियन्त्रण और प्रभुत्व की सच्चाई सृष्टिकर्ता के अधिकार के सच्चे अस्तित्व के विषय में बोलते हैं
उसी प्रकार से, अय्यूब के ऊपर यहोवा की आशीष अय्यूब की पुस्तक में दर्ज है। परमेश्वर ने अय्यूब को क्या दिया था? "और यहोवा ने अय्यूब के पिछले दिनों में उसको अगले दिनों से अधिक आशीष दी; और उसके चौदह हज़ार भेड़ बकरियाँ, छः हज़ार ऊँट, हज़ार जोड़ी बैल, और हज़ार गदहियाँ हो गईं" (अय्यूब 42:12)। मनुष्य के नज़रिए से, अय्यूब को दी गई ये चीज़ें क्या थीं? क्या वे मनुष्य की सम्पत्ति थी? इन सम्पत्तियों के द्वारा क्या अय्यूब उस युग में बहुत अधिक धनी हो गया था? उसे ऐसी सम्पत्तियाँ कैसे प्राप्त हुईं थीं? उसका धन कैसे बढ़ा था? यहाँ पर यह बात कही नहीं जा रही है कि परमेश्वर की आशीष के लिए धन्यवाद जिस से अय्यूब ने इन सम्पत्तियों को प्राप्त किया?

रविवार, 24 मार्च 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग चार



परमेश्वर का अधिकार (I)    भाग चार
सृष्टिकर्ता के अधिकार को समय, स्थान, या भूगोल द्वारा विवश नहीं किया जा सकता है, और न ही उसके अधिकारों का मूल्यांकन किया जा सकता है
आओ हम उत्पत्ति 22:17-18 को देखें। यह यहोवा परमेश्वर के द्वारा बोला गया एक और अंश है, जिसमें उसने अब्राहम से कहा, "इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूँगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर के बालू के समान अनगिनत करूँगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का अधिकारी होगा। और पृथ्वी की सारी जातियाँ अपने को तेरे वंश के कारण धन्य मानेंगीः क्योंकि तू ने मेरी बात मानी है।"

शनिवार, 23 मार्च 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग तीन



स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग तीन

परमेश्वर का अधिकार (I)     भाग तीन
2. परमेश्वर ने मनुष्य के साथ एक वाचा बाँधने के लिए अपने वचनों को उपयोग किया।
(उत्पत्ति 9:11-13) "और मैं तुम्हारे साथ अपनी यह वाचा बाँधता हूँ कि सब प्राणी फिर जलप्रलय से नाश न होंगेः और पृथ्वी के नाश करने के लिए फिर जलप्रलय न होगा।” फिर परमेश्वर ने कहा, “जो वाचा मैं तुम्हारे साथ, और जितने प्राणी तुम्हारे संग हैं उन सब के साथ भी युग युग की पीढ़ियों के लिए बाँधता हूँ, उसका यह चिन्ह हैः कि मैं ने बादल में अपना धनुष रखा है, वह मेरे और पृथ्वी के बीच में वाचा का चिन्ह होगा।"

शुक्रवार, 22 मार्च 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग दो के क्रम में



स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग दो के क्रम में

परमेश्वर का अधिकार (I)    भाग दो के क्रम में
छठवें दिन, सृष्टिकर्ता ने कहा, और हर प्रकार के जीवित प्राणी जो उसके मस्तिष्क में थे एक के बाद एक अपने आप को प्रगट करने लगे
स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर न होते हुए, सब वस्तुओं को बनाने के लिए सृष्टिकर्ता का कार्य लगातार पाँचवे दिन तक चलता रहा, उसके तुरन्त बाद सृष्टिकर्ता ने सब वस्तुओं की सृष्टि के छठवें दिन का स्वागत किया। यह दिन एक और नई शाम थी, तथा एक और असाधारण दिन था। तब, इस नए दिन की शाम के लिए सृष्टिकर्ता की क्या योजना थी? कौन से नए जीव जन्तुओं को उसने उत्पन्न, और पैदा करना चाहा? ध्यान से सुनो, यह सृष्टिकर्ता की आवाज़ है....।

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके जिनशिंग, दक्षिणी कोरिया भाइयो और बहनो, आप सबको प्रभु की शांति मिले! अ...