- परमेश्वर के लिए पूरी तरह से समर्पित रहने को कृतसंकल्प
- I
- टूटी और बिखरी हुई शैतान के हाथों में थी मैं।
- फिर परमेश्वर की आवाज़ ने पुकारा और जगाया नींद से मुझे।
- फिर देखा मैंने परमेश्वर के अद्भुत प्रेम की विशाल मात्रा को,
- सही पीड़ा उसने मुझे बचाने के लिए।
- जब वो पुकारे, तो मुझे उसकी आवाज़ पर हो जाना चाहिए खड़ा।
- वो केवल बस यही है मांगता। उसकी सेवा करना है एक सम्मान!
- परमेश्वर दिखाएगा राह,
- जीवन की चुनौतियों के साथ मैं मज़बूत बन जाऊंगी।
- हल पर मेरे हाथ हैं पीछे कैसे देखूंगी मैं?
- अगर सोचूं मैं, सिर्फ़ अपने भविष्य और भाग्य के बारे में,
- तो कैसे रह पाऊंगी परमेश्वर की इच्छा के प्रति विचारशील?
- ओह इस राज्य का प्रशिक्षण कितना दुर्लभ है,
- मुझे करना चाहिए उपयोग इस मौके का पूर्णता के लिए।
- II
- परमेश्वर को करके निराश मेरा पूरा जीवन रहेगा कितना खेदपूर्ण?
- परमेश्वर को देकर धोखा इतिहास में हो जाऊंगी मैं निंदनीय।
- सत्य को दिल से लगाकर मैं चलूंगी पीछे परमेश्वर के, वफ़ादारी से।
- कभी भी मूर्खता से उसकी भावनाओं को पहुँचाऊंगी नहीं चोट मैं।
- परमेश्वर के लिए प्रेम, रहने दो, रहने दो इसे असीमित।
- कुछ नहीं रोक सकता उसके लिए मेरी भक्ति को।
- गुज़रता है पीड़ाओं से बचाने के लिए मुझे, मुझे।
- परमेश्वर की गवाही देनी चाहिए मुझे, मुझे!
- III
- देह को मृत्यु, जिऊंगी उसके लिए और दूंगी दिलासा उसे मैं।
- अयोग्य हूँ, लेकिन परमेश्वर मुझे देकर सेवा का अधिकार उन्नत करता है।
- कोई पछतावा नहीं, जीवन भर परमेश्वर के प्रेम को चुकाऊंगी मैं।
- खाली चीज़ें, प्रसिद्धि और पैसे के पीछे अब न जाऊंगी मैं।
- झुकूंगी परमेश्वर के सामने मैं, सोचूंगी उसके दिल के बारे मैं,
- पूरे करूंगी उसके लिए अपने कर्तव्य मैं।
- सिद्धांत हैं यही स्वर्ग और पृथ्वी के।
- गूंजने दो इन्हें मेरे जीवन में।
- प्रयास मैं, करूंगी सच्चाई की तलाश में,
- परमेश्वर को करने के लिए ख़ुश दूंगी उसकी गवाही मैं।
- परमेश्वर की सच्चाई और पूर्णता के साथ
- एक सार्थक जीवन जिऊंगी मैं।
- "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से
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