घर

शुक्रवार, 4 जनवरी 2019

परमेश्वर के देहधारण का अधिकार और मायने



  •  
  • I
  • इंसान की कद-काठी, ज्ञान, प्रेम, आस्था,
  • आज्ञाकारिता और जो कुछ देखता है इंसान,
  • आया है वो सब वचन के न्याय से।
  • टिकी है आस्था तुम्हारी उसके वचन से।
  • देखता है इंसान परमेश्वर के अद्भुत कार्य को इसके ज़रिये।
  • बहुत कुछ है जो इंसान की समझ के परे है;
  • चहुँ ओर हैं चमत्कार और रहस्य बड़े हैं।
  • और बहुतों ने इसीलिये कर दिया समर्पण।
  • उसके वचन के न्याय के परे कोई जाता नहीं,
  • और अंधेरा कोई उसके अधिकार पर व्याप्त होता नहीं।
  • इंसान होता है समर्पित, उसके देहधारण, अधिकार
  • और वचन के न्याय की वजह से।
  • II
  • किया नहीं समर्पण जिन्होंने कभी, टेकते हैं घुटने समक्ष परमेश्वर के,
  • जब होता है सामना उसके वचन से।
  • झुकते हैं उसके वचन के न्याय के आगे,
  • करते नहीं छानबीन या परख कभी अपनी ज़बाँ से।
  • प्रकट होता है परमेश्वर देह में सामान्य मानव की तरह,
  • मगर देखता है इंसान उसका अधिकार पूरा उसके वचन में।
  • वो स्वयं परमेश्वर है, उसी की अभिव्यक्ति है उसके वचन में।
  • कर सकता नहीं कोई अपमान उसका, वो परमेश्वर है देह में।
  • III
  • देहधारी परमेश्वर व्यक्त करता है अपने वचन,
  • ताकि सुन सकें और कर सकें ग्रहण न्याय उसका सभी।
  • रूह के रूप में आकर समर्पण के लिये इंसान को, परमेश्वर डराता नहीं।
  • इस सच्चे और अपूर्व कार्य से उजागर होता है,
  • असली स्वभाव इंसान का, जो गहरा दबा होता है,
  • ताकि पहचानकर बदले इसे इंसान।
  • न्याय परमेश्वर का है व्यवहारिक और पहुँचता है ज़रिये वचन के।
  • परमेश्वर के देहधारण का अधिकार और मायने यही है।
  • परमेश्वर के देहधारण का अधिकार और मायने यही है।
  • उसके वचन के न्याय के परे कोई जाता नहीं,
  • और अंधेरा कोई उसके अधिकार पर व्याप्त होता नहीं।
  • इंसान होता है समर्पित, उसके देहधारण, अधिकार
  • और वचन के न्याय की वजह से।
  • उसके देहधारण, अधिकार और वचन के न्याय की वजह से।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-जीवन के लिए संगीत

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके जिनशिंग, दक्षिणी कोरिया भाइयो और बहनो, आप सबको प्रभु की शांति मिले! अ...