- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर
- I
- काम कर रहे हैं परमेश्वर अखिल विश्व में।
- पूरब में जो शोर गरजता, शिथिल न होता है,
- हिला रहा है सभी पंथ, सम्प्रदायों को।
- ये परमेश्वर की वाणी जो, वर्तमान में ले आई है सबको।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- II
- उसकी वाणी में सारे अधीन हो जायेंगे।
- इस धारा में आकर वे नतमस्तक हो जायेंगे।
- इस धरती की महिमा प्रभु ने, बहुत पहले ही वापस ले ली।
- पूरब से उसने वो महिमा फिर से लौटाई है।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- III
- कौन नहीं चाहता देखे परमेश्वर की महिमा को?
- कौन नहीं ऐसा जो उनकी राह देखे आतुरता से?
- कौन नहीं है प्यासा, फिर से उसके दर्शन को?
- कमी नहीं खलती है उसकी सुन्दरता की किसको?
- कौन रोशनी की ओर न आना ही चाहेगा?
- कौन कनान की सम्पदा को देखना न चाहेगा?
- कौन मुक्तिदाता लौट आये ऐसा न चाहेगा?
- कौन सर्वशक्तिमान का गुणगान न करना चाहेगा?
- गुणगान न करना चाहेगा?
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- IV
- परमेश्वर की वाणी पूरी धरती पर फैलानी है।
- उसे बहुत कुछ कहना है अपने चुनिंदों से।
- वो अखिल ब्रह्मांड से और मानवता से यूं बात करता है,
- अपने चुनिंदा से,
- प्रबल गर्जना हिला देती ज्यों नदियों और पहाड़ों को।
- यही वजह है वचन प्रभु के बनते मानव की पूंजी।
- वचन प्रभु के परमप्रिय लगते हैं हर इक मानव को।
- पूरब से पश्चिम को सीधी, चमचम चमके दामिनी
- परमेश्वर के वचन का त्याग, करना लोग नहीं चाहते,
- करना लोग नहीं चाहते।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- प्रभु वचनों की थाह नहीं है,
- फिर भी सुख का सागर लाते हैं।
- प्रभु आगमन पर सब ख़ुश हैं,
- जैसे आने पर नव-शिशु के।
- प्रभु-वाणी सबको मोहित कर प्रभु के सम्मुख लाती है।
- परमेश्वर विधिवत आते हैं अब से इंसानों के बीच।
- यही वजह है पूजन करने आ जाते हैं सारे जन।
- परमेश्वर जो महिमा और वचन देते उसके कारण,
- परमेश्वर-सम्मुख सब आते,
- और प्रकाश पूरब का देखते।
- प्रभु उतर आये हैं पूरब में “ज़ैतून के पर्वत पर”
- बहुत समय से हैं धरती पर, “यहूदी के बेटे” न होकर।
- वो पूरब की दामिनी हैं, क्योंकि जी उठे फिर से परमेश्वर।
- गए छोड़कर मानव को अब फिर प्रकट हुए महिमा लेकर।
- परमेश्वर हैं वो जिनको पूजा था युग-युग पहले,
- वो “शिशु” जिसको त्यागा था इस्राएलियों ने उस हालत में।
- वो वर्तमान युग के वैभवशाली सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं!
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं!
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- V
- उनकी चाहत तो बस इतना हासिल करना है:
- सम्मुख आये जनमानस प्रभु सिंहासन के,
- देखे उनका मुख, उनके काम, और सुने वाणी उनकी।
- यही अंत है, यही चरम है उनकी योजना का,
- और प्रयोजन परमेश्वर के प्रबंधन का।
- सभी राष्ट्र करते हैं पूजन और वंदन उनका।
- करते सारे मानव विश्वास और हैं प्रजा उनकी,
- और हैं प्रजा उनकी।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-जीवन के लिए संगीत
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