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बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

आराधना के गी-प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर



  •  
  • I
  • काम कर रहे हैं परमेश्वर अखिल विश्व में।
  • पूरब में जो शोर गरजता, शिथिल न होता है,
  • हिला रहा है सभी पंथ, सम्प्रदायों को।
  • ये परमेश्वर की वाणी जो, वर्तमान में ले आई है सबको।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • II
  • उसकी वाणी में सारे अधीन हो जायेंगे।
  • इस धारा में आकर वे नतमस्तक हो जायेंगे।
  • इस धरती की महिमा प्रभु ने, बहुत पहले ही वापस ले ली।
  • पूरब से उसने वो महिमा फिर से लौटाई है।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • III
  • कौन नहीं चाहता देखे परमेश्वर की महिमा को?
  • कौन नहीं ऐसा जो उनकी राह देखे आतुरता से?
  • कौन नहीं है प्यासा, फिर से उसके दर्शन को?
  • कमी नहीं खलती है उसकी सुन्दरता की किसको?
  • कौन रोशनी की ओर न आना ही चाहेगा?
  • कौन कनान की सम्पदा को देखना न चाहेगा?
  • कौन मुक्तिदाता लौट आये ऐसा न चाहेगा?
  • कौन सर्वशक्तिमान का गुणगान न करना चाहेगा?
  • गुणगान न करना चाहेगा?
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • IV
  • परमेश्वर की वाणी पूरी धरती पर फैलानी है।
  • उसे बहुत कुछ कहना है अपने चुनिंदों से।
  • वो अखिल ब्रह्मांड से और मानवता से यूं बात करता है,
  • अपने चुनिंदा से,
  • प्रबल गर्जना हिला देती ज्यों नदियों और पहाड़ों को।
  • यही वजह है वचन प्रभु के बनते मानव की पूंजी।
  • वचन प्रभु के परमप्रिय लगते हैं हर इक मानव को।
  • पूरब से पश्चिम को सीधी, चमचम चमके दामिनी
  • परमेश्वर के वचन का त्याग, करना लोग नहीं चाहते,
  • करना लोग नहीं चाहते।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • प्रभु वचनों की थाह नहीं है,
  • फिर भी सुख का सागर लाते हैं।
  • प्रभु आगमन पर सब ख़ुश हैं,
  • जैसे आने पर नव-शिशु के।
  • प्रभु-वाणी सबको मोहित कर प्रभु के सम्मुख लाती है।
  • परमेश्वर विधिवत आते हैं अब से इंसानों के बीच।
  • यही वजह है पूजन करने आ जाते हैं सारे जन।
  • परमेश्वर जो महिमा और वचन देते उसके कारण,
  • परमेश्वर-सम्मुख सब आते,
  • और प्रकाश पूरब का देखते।
  • प्रभु उतर आये हैं पूरब में “ज़ैतून के पर्वत पर”
  • बहुत समय से हैं धरती पर, “यहूदी के बेटे” न होकर।
  • वो पूरब की दामिनी हैं, क्योंकि जी उठे फिर से परमेश्वर।
  • गए छोड़कर मानव को अब फिर प्रकट हुए महिमा लेकर।
  • परमेश्वर हैं वो जिनको पूजा था युग-युग पहले,
  • वो “शिशु” जिसको त्यागा था इस्राएलियों ने उस हालत में।
  • वो वर्तमान युग के वैभवशाली सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं!
  • सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं!
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • V
  • उनकी चाहत तो बस इतना हासिल करना है:
  • सम्मुख आये जनमानस प्रभु सिंहासन के,
  • देखे उनका मुख, उनके काम, और सुने वाणी उनकी।
  • यही अंत है, यही चरम है उनकी योजना का,
  • और प्रयोजन परमेश्वर के प्रबंधन का।
  • सभी राष्ट्र करते हैं पूजन और वंदन उनका।
  • करते सारे मानव विश्वास और हैं प्रजा उनकी,
  • और हैं प्रजा उनकी।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  • प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-जीवन के लिए संगीत

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