पतरस के अनुभव: ताड़ना और न्याय का उसका ज्ञान
जब पतरस को परमेश्वर के द्वारा ताड़ना दी जा रही थी, तो उसने प्रार्थना की, "हे परमेश्वर! मेरी देह अनाज्ञाकारी है, तू मुझे ताड़ना देता है और मेरा न्याय करता है। मैं तेरी ताड़ना और न्याय में आनन्दित होता हूँ, भले ही तू मुझे न चाहे, फिर भी मैं तेरे न्याय में तेरे पवित्र और धर्मी स्वभाव को देखता हूँ।
जब पतरस को परमेश्वर के द्वारा ताड़ना दी जा रही थी, तो उसने प्रार्थना की, "हे परमेश्वर! मेरी देह अनाज्ञाकारी है, तू मुझे ताड़ना देता है और मेरा न्याय करता है। मैं तेरी ताड़ना और न्याय में आनन्दित होता हूँ, भले ही तू मुझे न चाहे, फिर भी मैं तेरे न्याय में तेरे पवित्र और धर्मी स्वभाव को देखता हूँ।