Hindi Christian Song | परमेश्वर के प्रकटन की महत्ता | Praise Jesus' Return
परमेश्वर के प्रकटन के मायने हैं,
वो अपनी पहचान, अपने स्वभाव, अपने तरीके से,
अपने काम की ख़ातिर धरती पर उसका निजी आगमन।
ऐसा प्रकटन न प्रतीक है, न तस्वीर है।
युग शुरु करने, युग का अंत करने, इंसानों के बीच आता है।
ये रस्म का रूप नहीं।
ये हकीकत है, सच्चाई है जिसे छुआ और देखा जा सकता है,
ये चमत्कार नहीं, ये भव्य दर्शन नहीं।
ये धार्मिक रीति तो बिल्कुल नहीं।
ऐसा प्रकटन किसी व्यवस्था के पालन के लिए नहीं है,
ये हकीकत है, सच्चाई है जिसे छुआ और देखा जा सकता है,
ऐसा सच जिसे छुआ और देखा जा सकता है।
न ही ये थोड़े वक्त का वचन है;
परमेश्वर का प्रकटन सदा सार्थक होता है,
बल्कि ये परमेश्वर की प्रबंधन योजना में, काम के चरण के लिए है,
काम के चरण के लिए है।
और सदा उसकी प्रबंधन योजना से जुड़ा होता है।
ये काम किसी भी अन्य युग के काम से अलग है,
यह प्रकटन पूरी तरह से इंसान को परमेश्वर की अगुवाई,
मार्गदर्शन या प्रबुद्ध करने के प्रकटन की तरह नहीं है।
परमेश्वर जब भी ख़ुद को प्रकट करता है
वो महान कार्य के एक चरण को करता है।
ये काम इंसान को नए युग में लेकर जाता है।
इंसान की कल्पना से परे है, इंसान के अनुभव से परे है।
ये काम नव-युग की शुरुआत करता है, और पुरातन युग को समाप्त करता है,
नया और उन्नत काम है ये, जो इंसान का उद्धार करता है,
यही परमेश्वर के प्रकटन की महत्ता है।
चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।
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