परमेश्वर का अधिकार (II) भाग एक
आज हम "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है" के विषय पर अपनी सभा को जारी रखेंगे। हम पहले से ही इस विषय पर दो सभाएँ कर चुके हैं, पहला परमेश्वर के अधिकार से सम्बन्धित था, और दूसरा परमेश्वर के धर्मी स्वभाव से सम्बन्धित था। इन दोनों सभाओं को सुनने के पश्चात्, क्या तुम लोगों ने परमेश्वर की पहचान, हैसियत, और हस्ती की नई समझ हासिल की है? क्या इन अन्तः दृष्टियों ने परमेश्वर के अस्तित्व की सच्चाई के विषय में और अधिक ठोस ज्ञान और निश्चित्ता प्राप्त करने में तुम लोगों की सहायता की है? आज मैंने "परमेश्वर के अधिकार" के शीर्षक को विस्तार से बताने की योजना बनाई है।
