घर

बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

परमेश्वर के अधिकार को जानने का मार्ग

  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन

  •  
  • I
  • परमेश्वर के अधिकार के ज्ञान को,
  • उसकी सामर्थ्य को, पहचान को और सार को,
  • तुम हासिल कर नहीं सकते
  • अपनी कल्पनाओं से।
  • कल्पना न करो, के मायने ये नहीं कि तुम कुछ न करो,
  • या बस बैठकर तबाही का इंतज़ार करो।
  • इसके मायने हैं – तर्क से अनुमान ना लगाओ,
  • ना जानकारी या विज्ञान के ज़रिये अध्ययन करो।
  • परमेश्वर के वचनों को खा-पीकर,
  • अनुभव करो और उन वचनों की संगति करो,
  • परमेश्वर के अधिकार का तुम अनुभव करोगे, उसे सत्यापित करोगे,
  • और धीरे-धीरे उसकी समझ और ज्ञान को हासिल करोगे।
  • बस यही एक राह है, और कोई छोटा रास्ता नहीं है।
  • II
  • उसके वचनों के, सत्य के,
  • ज़िंदगी में जिसका तुम सामना करते हो, उसके ज़रिये,
  • सराहना करो, सत्यापित करो, पुष्टि करो,
  • जिस परमेश्वर में विश्वास है तुम्हें,
  • अधिकार है उसमें, तुम्हारी नियति पर है प्रभुत्व उसका,
  • जानो कि उसकी सामर्थ्य हर समय
  • करती है सिद्ध सच्चा स्वयं परमेश्वर उसे।
  • बस यही एक रास्ता है परमेश्वर को समझने का,
  • बस यही एक रास्ता है परमेश्वर को समझने का,
  • परमेश्वर के वचनों को खा-पीकर,
  • अनुभव करो और उन वचनों की संगति करो,
  • परमेश्वर के अधिकार का तुम अनुभव करोगे, उसे सत्यापित करोगे,
  • और धीरे-धीरे उसकी समझ और ज्ञान को हासिल करोगे।
  • बस यही एक राह है, और कोई छोटा रास्ता नहीं है।
  • बस यही एक राह है, और कोई छोटा रास्ता नहीं है।
  • बस यही एक राह है, और कोई छोटा रास्ता नहीं है।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके जिनशिंग, दक्षिणी कोरिया भाइयो और बहनो, आप सबको प्रभु की शांति मिले! अ...