- आराधना गीत
- मेरे प्रिय, इंतज़ार करो मेरा
- I
- पेड़ों पर चढ़ रहा है ख़ामोश चाँद,
- मेरे उजले और सुंदर प्रिय की तरह।
- हे मेरे प्रिय, कहाँ हो तुम?
- आँसुओं में डूबी हूँ मैं, क्या सुन रहे हो मेरी पुकार?
- तुम्हीं से मिलता है प्यार मुझे,
- तुम्हीं से मिलती है देख-भाल मुझे।
- तुम्हीं सोचते हो मेरे बारे में,
- तुम्हीं संजोते हो जीवन मेरा।
- ओ चाँद, तुम जाओ आसमाँ के उस ओर,
- मत कराओ मेरे प्रिय को इंतज़ार और।
- कह दो उनसे याद आती मुझे उनकी।
- मत भूलना मेरा प्यार साथ ले जाना, साथ ले जाना।
- II
- हँसों के जोड़े उड़ रहे हैं दूर आसमाँ में।
- क्या वो लाएंगे मेरे प्रिय का संदेसा मेरे लिये?
- दे दो मुझे पँख अपने,
- मैं उड़ कर जा सकूँ वापस घर अपने।
- अदा कर दूँगी कीमत अपने प्रिय की परवाह की।
- कहना चाहती हूँ मत होना उदास प्रिये!
- मैं दूँगी वो जवाब जो तुम्हें ख़ुश करे।
- इसलिये ज़ाया न जाएगी तुम्हारी कोशिशें।
- काश, मैं हो जाती जल्दी बड़ी,
- ताकि भटकती,
- दुखभरी ज़िंदगी से मिलती आज़ादी मुझे।
- हे प्रिये, करना इंतज़ार मेरा,
- दुनिया के सारे सुखों से मुंह मोड़कर आ जाऊँगी।
- अदा कर दूँगी कीमत अपने प्रिय की परवाह की।
- कहना चाहती हूँ मत होना उदास प्रिये!
- मैं दूँगी वो जवाब जो तुम्हें ख़ुश करे।
- इसलिये ज़ाया न जाएगी तुम्हारी कोशिशें।
- इसलिये ज़ाया न जाएगी तुम्हारी कोशिशें,
- तुम्हारी कोशिशें।
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