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रविवार, 23 दिसंबर 2018

परमेश्वर की जाँच को तुझे हर चीज़ में स्वीकर करना चाहिए



  • परमेश्वर की जाँच को तुझे हर चीज़ में स्वीकर करना चाहिए

  •  
  • I
  • डरते हैं अधिकतर लोग आज
  • अपने कर्मों को लाने में परमेश्वर के सामने।
  • धोखा दे सकता है तू उसकी देह को,
  • मगर धोखा नहीं दे सकता तू उसके आत्मा को।
  • परमेश्वर की जाँच को सह न सके जो,
  • नहीं है सत्य के अनुरूप वो,
  • इसलिये कर देना चाहिए दरकिनार उसको।
  • वरना परमेश्वर के ख़िलाफ़ पाप है वो।
  • चाहे तू बोले, प्रार्थना करे,
  • भाई-बहनों से संगति करे,
  • अपना फ़र्ज़ निभाए या मामले निपटाए,
  • दिल अपना तू परमेश्वर को समर्पित कर दे।
  • जब पूरा करता है तू काम अपना, तो साथ होता है परमेश्वर तेरे।
  • गर तेरा इरादा सही है और परमेश्वर के काम के लिये है,
  • तो स्वीकार कर लेगा वो सब काम तेरे।
  • इसलिये कर ईमानदारी से काम अपने।
  • हर काम, इरादा, प्रतिक्रिया तेरी,
  • रोज़ाना का आत्मिक जीवन तेरा,
  • परमेश्वर के वचनों को खाना-पीना तेरा,
  • सब लाया जाना चाहिये सामने परमेश्वर के।
  • कलीसिया का जीवन जिस तरह जीता है तू,
  • साझेदारी में सेवा तेरी,
  • सब लाया जाना चाहिये सामने, और परमेश्वर की जाँच के लिये,
  • मदद मिलेगी परिपक्व बनने में इस अभ्यास से तुझे।
  • II
  • शुद्धिकरण की विधि है, स्वीकारना परमेश्वर की जाँच को।
  • अधिक स्वीकारेगा, तू अधिक शुद्ध बनेगा,
  • और परमेश्वर की इच्छा के अधिक अनुरूप बनेगा।
  • बुलावा तू विलासिता का, आसक्ति का नहीं सुनेगा,
  • और दिल तेरा उसकी हाज़िरी में रहेगा।
  • दिल तेरा उसकी हाज़िरी में रहेगा।
  • उसकी जाँच को तू जितना स्वीकारेगा,
  • उतना ही ज़्यादा शैतान शर्मिंदा होगा,
  • उतना ही ज़्यादा शरीर को तू त्याग सकेगा।
  • इसलिये, स्वीकार ले परमेश्वर की जाँच को तू।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-आराधना के गी

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