- परमेश्वर की जाँच को तुझे हर चीज़ में स्वीकर करना चाहिए
- I
- डरते हैं अधिकतर लोग आज
- अपने कर्मों को लाने में परमेश्वर के सामने।
- धोखा दे सकता है तू उसकी देह को,
- मगर धोखा नहीं दे सकता तू उसके आत्मा को।
- परमेश्वर की जाँच को सह न सके जो,
- नहीं है सत्य के अनुरूप वो,
- इसलिये कर देना चाहिए दरकिनार उसको।
- वरना परमेश्वर के ख़िलाफ़ पाप है वो।
- चाहे तू बोले, प्रार्थना करे,
- भाई-बहनों से संगति करे,
- अपना फ़र्ज़ निभाए या मामले निपटाए,
- दिल अपना तू परमेश्वर को समर्पित कर दे।
- जब पूरा करता है तू काम अपना, तो साथ होता है परमेश्वर तेरे।
- गर तेरा इरादा सही है और परमेश्वर के काम के लिये है,
- तो स्वीकार कर लेगा वो सब काम तेरे।
- इसलिये कर ईमानदारी से काम अपने।
- हर काम, इरादा, प्रतिक्रिया तेरी,
- रोज़ाना का आत्मिक जीवन तेरा,
- परमेश्वर के वचनों को खाना-पीना तेरा,
- सब लाया जाना चाहिये सामने परमेश्वर के।
- कलीसिया का जीवन जिस तरह जीता है तू,
- साझेदारी में सेवा तेरी,
- सब लाया जाना चाहिये सामने, और परमेश्वर की जाँच के लिये,
- मदद मिलेगी परिपक्व बनने में इस अभ्यास से तुझे।
- II
- शुद्धिकरण की विधि है, स्वीकारना परमेश्वर की जाँच को।
- अधिक स्वीकारेगा, तू अधिक शुद्ध बनेगा,
- और परमेश्वर की इच्छा के अधिक अनुरूप बनेगा।
- बुलावा तू विलासिता का, आसक्ति का नहीं सुनेगा,
- और दिल तेरा उसकी हाज़िरी में रहेगा।
- दिल तेरा उसकी हाज़िरी में रहेगा।
- उसकी जाँच को तू जितना स्वीकारेगा,
- उतना ही ज़्यादा शैतान शर्मिंदा होगा,
- उतना ही ज़्यादा शरीर को तू त्याग सकेगा।
- इसलिये, स्वीकार ले परमेश्वर की जाँच को तू।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-आराधना के गी
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