- मैं इतना कुछ पाता हूँ परमेश्वर की ताड़ना और न्याय से
- I
- जब परमेश्वर करुणा से पेश आते हो,
- तो मुझे दिलासा और ख़ुशी मिलती है।
- मेरा आनंद और दिलासा दुगने हो जाते हैं,
- जब तुम ताड़ना देते हो मुझे।
- हालाँकि मैं दुर्बल हूँ, अनकहे दर्द सहता हूँ,
- हालाँकि मैं दुखी हूँ, आँसुओं में डूबा हूँ,
- तुम तो जानते हो मेरी व्यथा
- मेरी कमज़ोरी, नाफ़रमानी से आती है परमेश्वर।
- ना कर पाता हूँ पूरी इच्छा ना अनुरोध मैं तुम्हारा,
- मुझे दुख और अफ़सोस होता है।
- मगर मैं तुम्हारी ख़ुशी और इस मकाम तक
- पहुँचने के लिये, सब-कुछ करूँगा परमेश्वर।
- तुम्हारी ताड़ना की सुरक्षा में हूँ मैं।
- सर्वोत्तम उद्धार है ये जो पाया मैंने।
- तुम्हारा न्याय पार कर जाता है तुम्हारी सहनशक्ति को।
- तुम्हारी दया का आनंद उठाने में मदद मिलती है मुझे इससे।
- II
- आज देखता हूँ मैं प्रेम तुम्हारा
- स्वर्ग से भी बढ़कर है, सबसे बेहतर है।
- महज़ दया नहीं है प्रेम तुम्हारा,
- ताड़ना और न्याय है प्रेम तुम्हारा।
- बहुत कुछ मिला है इनसे मुझे।
- हो नहीं सकता इनके बिना निर्मल कोई,
- कर नहीं सकता सृष्टिकर्ता के प्रेम की अनुभूति कोई।
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-जीवन के लिए संगीत
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