- ऊँचे सुर में स्तुति करो सर्वशक्तिमान परमेश्वर की
- I
- अंत के दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रकट हुआ
- दुनिया के पूरब में।
- वो सत्य बोलता है, इंसान को बचाने,
- वो उद्धारक का प्रकटन है।
- परमेश्वर जन सुनते उसकी वाणी को,
- उठाये जाते हैं उसके सिंहासन के समक्ष।
- खाते-पीते हम उसके वचनों को,
- जानें हम सत्य और रहस्यों को,
- पूरी तरह जीत लिया परमेश्वर के वचनों ने हमको।
- इम्तहान और शुद्धिकरण से गुज़र रहे हम,
- सहते बेहद पीड़ा, होती निर्मल भ्रष्टता हमारी।
- राज्य की तालीम स्वीकार कर,
- हासिल करते सत्य और जीवन हम।
- निर्मल करता, बचाता वो हमको,
- ऊँचे सुर में स्तुति करते सर्वशक्तिमान परमेश्वर की हम,
- परमेश्वर की हम।
- II
- यातनाओं, इम्तहानों के ज़रिये,
- कुरूप चेहरा शैतान का देखते हम।
- इस्तेमाल किया जाता शैतान का,
- ताकि जान सके इंसान सत्य और परमेश्वर को।
- बेहद नफ़रत है शैतान से हमें,
- अंत तक अनुसरण करेंगे परमेश्वर का हम।
- सत्य बोलता है, भ्रष्टता में आकंठ डूबे इंसान
- को जीतता परमेश्वर।
- बड़े लाल अजगर की संतानों का न्याय करते हैं,
- शुद्धिकरण करते हैं परमेश्वर के वचन।
- विजेता बनाए जाते हैं, अजगर के देश में।
- III
- परास्त कर दिया पूरी तरह शैतान को परमेश्वर ने,
- सारी महिमा पा ली है परमेश्वर ने।
- सत्य, मार्ग और जीवन हैं मसीह के वचन,
- खंडित नहीं किया जा सकता इसे।
- यकीनन परमेश्वर की विनम्रता को प्रेम करना,
- पूजना चाहिये इंसान को।
- धार्मिक स्वभाव है परमेश्वर का,
- श्रद्धा से निहारते परमेश्वर को हम।
- अद्भुत हैं, समझने में कठिन हैं कर्म परमेश्वर के,
- अंतहीन स्तुति करते परमेश्वर की हम।
- सामर्थ्य परमेश्वर का झुकाता है, गुणगान कराता है सभी देशों से।
- अनंत जीवन का मार्ग पाते हैं हम।
- ऊँचे सुर में स्तुति करते परमेश्वर की हम,
- परमेश्वर की हम, परमेश्वर की हम।
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-आराधना के गी
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