- आराधना गीत
- परमेश्वर के प्रेम का गुणगान हो हमेशा
- I
- बड़े अपमान को सहते हुए तुम किसकी मांग करते हो?
- तुम किसके लिए मेहनत और फ़िक्र करते हो?
- परमेश्वर की इच्छा पूरी करने के लिए यहां-वहां दौड़ते हुए,
- तुम सिर्फ़ इस काम के बारे में सोचते हो।
- शेर की गुफ़ा में इंसान को बचाने के लिए तुम सत्य व्यक्त करते हो,
- चुपचाप अस्वीकृति और निंदा सहन करते हो।
- हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
- हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
- II
- विनम्रता से, छिपकर, बोलते और काम करते हो,
- तुम कभी दिखावा नहीं करते हो।
- लोगों के लिए एक उदाहरण, तुम संग पीड़ा सहते हो,
- बिना शिकायत या अफ़सोस, इंसान के बीच दर्द का स्वाद चखते हो।
- तुम मानव जाति को अनन्त जीवन की राह देते हो।
- तुम्हारे वचन और काम प्यार प्रकट करते हैं।
- हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
- हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
- III
- इंसान को शुद्ध करने और बचाने के लिए
- तुमने सहे सभी दर्द, चुकाई हर क़ीमत।
- इंसानी दुनिया की मुश्किलों का अनुभव तुम करते हो।
- तब तक बड़ी मेहनत से कोशिशें करते हो तुम
- जब तक तुम्हारे दिल के टुकड़े न हो जाते हैं।
- युग ने तुम्हें त्याग दिया, सहा है बहुत अपमान तुमने।
- इंसान को बचाने के लिए अत्यंत मुश्किलों का सामना किया है तुमने।
- हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
- हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
- IV
- इंसान है अहंकारी और विद्रोही, अक्सर देता है तुम्हें तकलीफ़।
- धैर्य और सहिष्णुता के साथ,
- उसे बचाने के लिए सभी कोशिशें तुम करते हो।
- अपना सिर रखने के लिए कोई जगह नहीं,
- फिर भी इंसान की देखभाल तुम करते हो।
- तुम्हारे वचन लोगों का सिंचन और पोषण करते हैं,
- उन्हें बार-बार प्रोत्साहित करते हैं,
- ताकि इंसान को मिल सके जीवन, एक अच्छी मंज़िल।
- हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
- हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-आराधना के गी
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