यद्यपि यहोवा, यीशु, और मसीहा सभी मेरे पवित्रात्मा का प्रतिनिधित्व करते हैं, किंतु ये नाम मेरी प्रबन्धन योजना में केवल विभिन्न युगों के द्योतक हैं, और मेरी सम्पूर्णता में मेरा प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। ऐसे नाम जिनके द्वारा पृथ्वी के लोग मुझे पुकारते हैं मेरे सम्पूर्ण स्वभाव को और वह सब कुछ जो मैं हूँ उसे स्पष्ट रूप से नहीं कह सकते हैं। वे मात्र अलग-अलग नाम हैं जिनके द्वारा विभिन्न युगों के दौरान मुझे पुकारा जाता है। और इसलिए, जब अंतिम युग—अंत के दिनों के युग—का आगमन होगा, तो मेरा नाम पुनः बदल जाएगा। मुझे यहोवा, या यीशु नहीं कहा जाएगा, मसीहा तो कदापि नहीं, बल्कि मुझे स्वयं सामर्थ्यवान सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहा जाएगा, और इस नाम के अंतर्गत मैं समस्त युग को समाप्त करूँगा।
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गुरुवार, 11 जुलाई 2019
शनिवार, 6 जुलाई 2019
राज्य के युग में परमेश्वर के कार्य का आवश्यक ज्ञान
राज्य के युग में परमेश्वर के कार्य का आवश्यक ज्ञान
अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य के महत्व के बारे में वचनों को पढ़ने के बाद, यदि तुम उन पर ईमानदारी से चिंतन कर सकते हो, तो तुम निश्चित रूप से अंत के दिनों में उसके कार्य के बारे में कुछ ज्ञान और समझ प्राप्त कर पाओगे। यदि तुम फिर वचन देह में प्रकट होता है पुस्तक को पढ़ सकते हो, जिसे सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा अंत के दिनों में अपने कार्य के दौरान इसकी संपूर्णता में व्यक्त किया गया है और अंत के दिनों में उसके कार्य के कई वर्षों का अनुभव कर सकते हो, तो तुम निश्चित रूप से सचमुच समझने में समर्थ हो जाओगे कि मानवजाति को पूरी तरह से बचाने के लिए राज्य के युग में परमेश्वर का कार्य न्याय और ताड़ना है। इसके माध्यम से, तुम उद्धार प्राप्त कर सकते हो और पूर्ण बनाए जा सकते हो।
मंगलवार, 2 जुलाई 2019
प्रश्न: लोग पापी होते हैं लेकिन प्रभु यीशु को अपने पाप अर्पित करना हमेशा कारगर सिद्ध होता है। अगर हम प्रभु यीशु के सामने अपने पाप स्वीकार कर लें तो वो हमें क्षमा कर देंगे। हम प्रभु की नज़रों में पापरहित हैं, इसलिये हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश पा सकते हैं!
उत्तर: प्रभु यीशु ने इंसान के पापों को क्षमा कर दिया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि इंसान के कोई पाप ही नहीं हैं। इसका मतलब ये नहीं कि इंसान को उसके पापों के नियंत्रण से आज़ादी मिल गई या वो पवित्र हो गया है। प्रभु यीशु इंसान के पापों को क्षमा कर देते हैं। यहां पर "पाप" से क्या मतलब है? यहां पर पाप का मतलब है व्यभिचार, चोरी आदि, कोई भी ऐसा कार्य जो परमेश्वर के नियमों, आदेशों का उल्लंघन करता हो, पाप है।
शनिवार, 29 जून 2019
अंत के दिनों में, परमेश्वर मुख्य रूप से सत्य व्यक्त करते हैं और परमेश्वर के घर से आरम्भ करके न्याय का कार्य करते हैंI केवल परमेश्वर के अंत के दिनों के न्याय, ताड़ना, परीक्षण और शुद्धिकरण की प्रक्रिया से गुज़रना, साथ ही साथ परमेश्वर द्वारा शुद्ध और पूर्ण किया जाना, आखिरकार सच्चाई को अपने वास्तविक जीवन के रूप में प्राप्त करना, वास्तव में प्रभु के साथ भोज में शामिल होना हैI
संदर्भ के लिए बाइबिल के पद:
"यह लिख, कि धन्य वे हैं, जो मेम्ने के विवाह के भोज में बुलाए गए हैं" (प्रकाशितवाक्य 19:9)।
"आत्मा और दुल्हिन दोनों कहती हैं, "आ!" और सुननेवाला भी कहे, "आ!" जो प्यासा हो वह आए, और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले" (प्रकाशितवाक्य 22:17)।
"उस तिहाई को मैं आग में डालकर ऐसा निर्मल करूँगा, जैसा रूपा निर्मल किया जाता है, और ऐसा जाँचूँगा जैसा सोना जाँचा जाता है" (जकर्याह 13:9)।
"ये वे हैं, जो उस महाक्लेश में से निकलकर आए हैं; इन्होंने अपने-अपने वस्त्र मेम्ने के लहू में धोकर श्वेत किए हैं" (प्रकाशितवाक्य 7:14)।
शुक्रवार, 17 मई 2019
पवित्र आत्मा क्या है-जीवन और मृत्यु की एक जंग
पवित्र आत्मा क्या है-जीवन और मृत्यु की एक जंग
चैंग मोयांग ज़ेंगज़ो सिटी, हेनान प्रदेश
"जब तू अपने देह के विरूद्ध विद्रोह करता है, तो तेरे भीतर निश्चय ही एक युद्ध होगा। शैतान कोशिश करेगा और तुझे इसका अनुसरण करने के लिए बाध्य करेगा, तुझसे देह की धारणाओं का अनुसरण करवाने के लिए कोशिश करेगा और देह के हितों को बनाए रखेगा—परन्तु परमेश्वर के वचन तुझे प्रबुद्ध करेंगे और तेरे भीतर रोशनी प्रदान करेंगे, और इस समय यह तुझ पर निर्भर करता है कि तू परमेश्वर का अनुसरण करे या फिर शैतान का अनुसरण करे। परमेश्वर लोगों को कहता है कि सत्य को अभ्यास में लाओ ताकि मुख्य तौर पर अपने भीतर की चीज़ों से ठीक तरह से निपट सको, अपने विचारों, और उनकी धारणाओं से निपट सको जो परमेश्वर के हृदय के अनुसार नहीं हैं।
मंगलवार, 14 मई 2019
पवित्र आत्मा क्या है-आपदाओं के बीच मैंने परमेश्वर का धार्मिक स्वभाव देखा
पवित्र आत्मा क्या है-आपदाओं के बीच मैंने परमेश्वर का धार्मिक स्वभाव देखा
ली जिंग, बीजिंग
7 अगस्त, 2017
उस दिन, सुबह से बारिश होना शुरू हो गई थी। मैं एक भाई के घर में सभा में गई थी, इसी दौरान बारिश अधिक से अधिक तेज होती जा रही थी। दोपहर तक यह ऐसे बरसने लगी जैसे सीधे स्वर्ग से ही गिर रही हो। हमारी सभा के खत्म होने के समय तक, बारिश का पानी मेरे भाई के बरामदे में घुस गया था, लेकिन चूंकि मैं अपने परिवार के लिए चिंतित थी, इसलिए मैं अपने घर की ओर जाने के लिए संघर्ष करने लगी।
मंगलवार, 7 मई 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तीन चेतावनियाँ" | The Warning of God to Man (Hindi)
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तीन चेतावनियाँ" | The Warning of God to Man (Hindi)
सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर में विश्वासी के रूप में, तुम लोगों को सभी बातों में परमेश्वर के अलावा और किसी के प्रति वफादार नहीं होना चाहिए और सभी बातों में उसकी इच्छा के अनुरूप होने में समर्थ होना चाहिए। तथापि, यद्यपि हर कोई इस सिद्धांत को समझता है, फिर भी ये सच्चाइयाँ जो अत्यधिक स्पष्ट और बुनियादी हैं, जहाँ तक मनुष्य का संबंध है, उसकी अज्ञानता, बेहूदगी, और भ्रष्टता जैसी नानाविध मनोव्यथाओं के कारण उसमें पूरी तरह से नहीं देखी जा सकती है। इसलिए, तुम लोगों का अंत निर्धारित करने से पहले, मुझे सबसे पहले तुम लोगों को कुछ चीज़ें बतानी चाहिए, जो तुम लोगों के लिए अत्यधिक महत्व की हैं। ......
मंगलवार, 30 अप्रैल 2019
पेशा एवं कार्यस्थल-एक ईमानदार व्यक्ति होना वास्तव में बड़ी बात है!
पेशा एवं कार्यस्थल-एक ईमानदार व्यक्ति होना वास्तव में बड़ी बात है!
वू मिंग, चीन
2004 में एक सहेली ने एक दिन मुझसे कहा: "हर दिन तुम जल्दी उठती हो और दिन भर कपड़े काटने में व्यस्त रहती हो, तुम खुद को थका देती हो, फिर भी तुम धन अर्जित नहीं कर पाती हो। आज का समाज पैसे कमाने के लिए जीभ पर निर्भर करता है, जैसा कि इस लोकप्रिय कहावत में कहा गया है: 'मजबूत हाथों और पैरों की तुलना में एक चतुराईपूर्ण ज़ुबान का होना बेहतर है।' तुम जानती हो कि अब मैं प्रत्यक्ष बिक्री व्यवसाय में सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों को बेच रही हूँ, न केवल यह मुझे सुंदर बनाता है, मुझे हर दिन बहुत अधिक प्रयास करने की आवश्यकता नहीं होती है, बहुत सारे पैसे कमाने के लिए मुझे बस अपने ग्राहकों से कुछ बातें करनी होती हैं और अपने उत्पादों को बेचना होता है। तुम अपना काम बदलकर मेरे साथ सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों को बेचने क्यों नहीं आ जाती हो?"
रविवार, 28 अप्रैल 2019
समाज में-तथाकथित अच्छे व्यक्ति का असली चेहरा
समाज में-तथाकथित अच्छे व्यक्ति का असली चेहरा
केमु, झ़ुमैडियन शहर, हेनन प्रांत
अपने मन में, मैं हमेशा स्वयं को एक अच्छी मानवता वाली व्यक्ति समझती थी। मुझे ऐसा इसलिए लगता था क्योंकि, मेरे पड़ोसी अक्सर मेरे माता-पिता के सामने मेरी समझदार और अपने परिवार की चिंता करने वाली होने के लिए तारीफ करते थे; कहते थे कि मैं अपने माता-पिता की आँखों का तारा हूँ। विवाह के बाद, मेरे ससुराल के लोग पड़ोसियों के सामने मेरे दयालु और संतानोचित होने के लिए प्रशंसा करते थे। मेरी इकाई में, मेरा अगुआ मेरे ईमानदार और सक्षम होने की वजह से मेरी सराहना करता था।
मंगलवार, 23 अप्रैल 2019
रोज़ी-रोटी-प्रभु यीशु ने स्वर्ग राज्य की चाबियाँ पेत्रुस को क्यों दीं
प्रभु यीशु ने स्वर्ग राज्य की चाबियाँ पेत्रुस को क्यों दीं
यांग किंग
बाइबल पढ़कर चकराना
जब मैं सुबह जल्दी उठ गयी, तो मैंने प्रार्थना की, फिर बाइबल में मत्ती 16:19 खोला, जहाँ प्रभु यीशु पतरस से कहते हैं: "मैं तुझे स्वर्ग के राज्य की कुंजियाँ दूँगा: और जो कुछ तू पृथ्वी पर बाँधेगा, वह स्वर्ग में बंधेगा; और जो कुछ तू पृथ्वी पर खोलेगा, वह स्वर्ग में खुलेगा।" बाइबल के इस अवतरण को पढ़कर, मैं यह सोचते हुए उलझन में पड़ गयी: "पतरस ने कोई महान काम नहीं किया और न ही उसके लिखे पत्र ही बहुत प्रसिद्ध थे। उस पर, जब प्रभु यीशु को गिरफ्तार किया गया और वे सुनवाई के लिए खड़े हुए, तो पतरस ने उन्हें तीन बार अस्वीकार कर दिया। प्रभु ने अन्य शिष्यों को स्वर्ग के राज्य की चाबियाँ क्यों नहीं दीं, केवल पतरस को ही क्यों दी?" मैंने धर्मशास्त्रों में बहुत खोजा, लेकिन कुछ भी मेरे भ्रम को दूर नहीं कर पा रहा था। मेरे पास काम पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
बुधवार, 10 अप्रैल 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सत्रहवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सत्रहवाँ कथन
मेरी आवाज़ सभी चारों दिशाओं एवं सम्पूर्ण पृथ्वी को रोशन करते हुए, गर्जना के समान बाहर निकलती है, और गर्जना और चमकती हुई बिजली के बीच, मानवजाति मार गिराई जाती है। कोई भी मनुष्य कभी भी गर्जना और चमकती हुई बिजली के बीच अडिग नहीं रहा हैः मेरी रोशनी के आने पर अधिकांश मनुष्य दहशत में पड़ जाते हैं और नहीं जानते हैं कि क्या करें। जब पूर्व दिशा में रोशनी की हलकी सी चमक दिखाई देनी शुरू होती है, तो कई लोग, इस हल्की सी चमक द्वारा प्रेरित हो कर, तत्काल अपने भ्रम से जाग जाते हैं। फिर भी किसी ने कभी भी यह महसूस नहीं किया कि वह दिन आ गया है जब मेरी रोशनी पृथ्वी पर उतरती है।
सोमवार, 8 अप्रैल 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - पन्द्रहवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - पन्द्रहवाँ कथन
मनुष्य एक आत्मज्ञान रहित प्राणी है। फिर भी, स्वयं को जानने में असमर्थ वह इसके बावजूद अपनी हथेली के समान अन्य हर किसी को जानता है, मानो कि कुछ भी कहने या करने से पूर्व अन्य सभी उसके "निरीक्षण" से गुजरते हों या उसका अनुमोदन प्राप्त करते हों, इस प्रकार से मानो कि, उसने अन्य सभी की उनकी मनोवैज्ञानिक अवस्था तक पूर्ण रूप से माप ले ली हो। सभी मनुष्य इसी प्रकार के हैं। आज मनुष्य परमेश्वर के राज्य के युग में प्रवेश कर चुका है, परंतु उसका स्वभाव अपरिवर्तित रहा है।
रविवार, 7 अप्रैल 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - चौदहवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - चौदहवाँ कथन
युगों-युगों से, किसी भी मनुष्य ने राज्य में प्रवेश नहीं किया है और इसलिए किसी ने भी राज्य के युग के अनुग्रह का आनंद नहीं लिया है, किसी ने भी राज्य के राजा को नहीं देखा है। यद्यपि मेरे आत्मा की रोशनी में बहुत से लोगों ने मेरे राज्य की सुंदरता की भविष्यवाणी की है, किन्तु वे केवल उसके बाहरी रूप को जानते हैं, उसके भीतरी महत्व को नहीं। आज, जब राज्य पृथ्वी पर औपचारिक रूप में अस्तित्व में आता है, तो अधिकांश मानवजाति अभी भी नहीं जानती है की क्या संपन्न करना है, राज्य के युग के दौरान, कौन से क्षेत्र में अंततः मनुष्य को लाया जाना है। इसके बारे में, मुझे डर है कि सभी मनुष्य भ्रम की अवस्था में हैं।
शनिवार, 6 अप्रैल 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - तेरहवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - तेरहवाँ कथन
मेरी आवाज़ की घोषणाओं के भीतर मेरे कई इरादे छुपे होते हैं। परन्तु मनुष्य उनमें से किसी को भी नहीं जानता और समझता है, और मेरे हृदय को जानने या मेरे वचनों के भीतर मेरी इच्छा का सहजज्ञान करने में समर्थ हुए बिना बाहर ही बाहर मेरे वचनों को ग्रहण करता रहता है और बाहर ही बाहर उनका अनुसरण करता रहता है। यहाँ तक कि यदि मैंने अपने वचनों को स्पष्ट कर दिया है तब भी क्या कोई समझा है? सिय्योन से मैं मानवजाति में आया।
शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - बारहवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - बारहवाँ कथन
जब पूर्व से बिजली चमकती है—जो कि निश्चित रूप से वही क्षण भी होता है जब मैं बोलना आरम्भ करता हूँ—जिस क्षण बिजली प्रकट होती है, तो संपूर्ण नभमण्डल जगमगा उठता है, और सभी तारे रूपान्तरित होना शुरू कर देते हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरी मानवजाति को उचित प्रकार से शुद्ध करने और काट-छाँट करने के अधीन कर दिया गया हो। पूर्व के प्रकाश की इस किरण के नीचे, समस्त मानवजाति को उसके मूल स्वरूप में प्रकट किया जाता है चुँधियाई आँखें, भ्रम में हक्के बक्के; अभी भी वे अपनी कुरूप मुखाकृति को छिपाने में कम समर्थ हैं।
गुरुवार, 4 अप्रैल 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - ग्यारहवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - ग्यारहवाँ कथन
मानवजाति में प्रत्येक व्यक्ति को मेरे आत्मा के अवलोकन को स्वीकार करना चाहिए, अपने हर वचन और कार्य की बारीकी से जाँच करनी चाहिए, और इसके अलावा, मेरे चमत्कारिक कर्मों पर विचार करना चाहिए। पृथ्वी पर राज्य के आगमन के समय तुम लोग कैसा महसूस करते हो? जब मेरे पुत्र एवं लोग मेरे सिंहासन की ओर वापिस प्रवाहित होते हैं, तो मैं महान सफेद सिंहासन के सम्मुख औपचारिक रूप से न्याय आरम्भ करता हूँ।
बुधवार, 3 अप्रैल 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - दसवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - दसवाँ कथन
आखिरकार, राज्य का युग बीते हुए समयों से अलग है। मनुष्य जो कुछ करता है यह उससे संबंधित नहीं है। उसके बजाए, पृथ्वी पर उतरने के बाद मैं व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करता हूँ-वह कार्य जिसका मनुष्य न तो अनुमान लगा सकते हैं और जिसे न ही पूरा कर सकते हैं। संसार की सृष्टि से लेकर आज तक, इन सारे वर्षों में यह हमेशा कलीसिया के निर्माण के विषय में था, किन्तु कोई भी राज्य के निर्माण के बारे में नहीं सुनता है। यद्यपि मैं अपने मुँह से इसके विषय में बात करता हूँ, फिर भी क्या कोई है जो उसके सार तत्व को जानता है?
मंगलवार, 2 अप्रैल 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - नौवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - नौवाँ कथन
चूँकि तुम मेरे घराने के एक सदस्य हो, और चूँकि तुम मेरे राज्य में निष्ठावान हो, इसलिए तुम जो कुछ भी करते हो उसे उन मानकों को पूरा करना चाहिए जिसकी मैं अपेक्षा करता हूँ। मैं यह नहीं कहता हूँ कि तुम घुमक्कड़ बादल से ज्यादा और कुछ नहीं बनो, बल्कि तुम चमचमाती हुई बर्फ के समान बनो, और उसके सार को और उस से भी बढ़कर उसके मूल्य को धारण करो। क्योंकि मैं पवित्र भूमि से आया था, कमल के समान नहीं, जिसके पास केवल एक नाम है और कोई सार नहीं क्योंकि वह कीचड़ से आया था न कि पवित्र भूमि से।
सोमवार, 1 अप्रैल 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - आठवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - आठवाँ कथन
जब मेरे प्रकाशन अपने चरम तक पहुँचते हैं, और जब मेरा न्याय एक अंत की ओर आता है, तो यह वह समय होगा जब मेरे सभी लोग प्रकट और पूर्ण किए जाते हैं। मेरे कदम उन लोगों की खोज करने के लिए संसार के सभी कोनों में चलते हैं जो मेरी रुचि को साझा करते हैं और मेरे उपयोग के लिए उचित हैं। कौन मेरे साथ खड़ा हो सकता है और मुझे सहयोग दे सकता है? मनुष्य का मेरे लिए प्रेम बहुत कम है और उसका मेरे ऊपर भरोसा दयनीय रूप से थोड़ा है।
रविवार, 31 मार्च 2019
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सातवाँ कथन
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सातवाँ कथन
पश्चिम की सभी शाखाओं को मेरी आवाज़ सुननी चाहिएः
अतीत में, क्या तुम लोग मेरे प्रति निष्ठावान रहे हो? क्या तुम लोगों ने मेरे परामर्श के उत्कृष्ट वचनों का पालन किया है? क्या तुम लोगों के पास ऐसी आशाएँ हैं जो वास्तविक हैं और अस्पष्ट और अनिश्चित नहीं हैं। मनुष्य की वफादारी, उसका प्रेम उसकी निष्ठा—जो कुछ मुझ से आता है उसके अलावा और कुछ नहीं है, जो कुछ मेरे द्वारा प्रदान किया जाता है उसके अलावा और कुछ नहीं है। मेरे लोगो, जब तुम लोग मेरे वचनों को सुनते हो, तो क्या तुम लोग मेरी इच्छा को समझते हो? क्या तुम लोग मेरे हृदय को देखते हो?
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