- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- रोक नहीं सकता कोई परमेश्वर के काम को
- I
- रोक नहीं सकता कोई परमेश्वर के काम को।
- जब वादा किया इब्राहिम को पुत्र होगा परमेश्वर ने,
- तो नामुमकिन जानकर मज़ाक समझा परमेश्वर के वादे को उसने।
- इंसान क्या करता है, क्या सोचता है, लेना-देना नहीं परमेश्वर को उससे।
- हर काम होता है परमेश्वर के समय और योजना से;
- है यही नियम काम का उसके।
- परमेश्वर की योजना बेअसर है चीज़ों से, इंसान से।
- सबकुछ समय पर प्रारूप के अनुसार होगा।
- रोक नहीं सकता कभी कोई परमेश्वर के काम को।
- रोक नहीं सकता कभी कोई परमेश्वर के काम को।
- II
- इंसान के ख़्यालों में न तो दख़लंदाज़ी करता है परमेश्वर,
- मानता नहीं, समझता नहीं इंसान,
- इसलिये न ही अपनी योजना या काम का त्याग करता है परमेश्वर।
- काम वैसे ही होते हैं जैसे सोचता, योजना बनाता है परमेश्वर।
- हम देखते हैं जैसा बाइबल में, इसहाक के जन्म को चुना परमेश्वर ने।
- परमेश्वर की योजना बेअसर है चीज़ों से, इंसान से।
- सबकुछ समय पर प्रारूप के अनुसार होगा।
- रोक नहीं सकता कभी कोई परमेश्वर के काम को।
- रोक नहीं सकता कभी कोई परमेश्वर के काम को।
- III
- इंसान का बर्ताव और आचरण, उसकी तुच्छ आस्था और धारणा,
- क्या रोक पाई, असर डाल पाई परमेश्वर के काम पर?
- इंसान की बेवकूफी की, विरोध और राय की, परवाह नहीं करता परमेश्वर।
- जो करना है उसे वही करता है परमेश्वर।
- परमेश्वर का स्वभाव, उसकी सर्वोच्चता यही है।
- परमेश्वर की योजना बेअसर है चीज़ों से, इंसान से।
- सबकुछ समय पर प्रारूप के अनुसार होगा।
- रोक नहीं सकता कभी कोई परमेश्वर के काम को...
- रोक नहीं सकता कभी कोई परमेश्वर के काम को।
- रोक नहीं सकता कभी कोई परमेश्वर के काम को।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-आराधना के गी
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