घर

बुधवार, 19 दिसंबर 2018

स्वभाव में बदलाव है मुख्यत: प्रकृति में बदलाव



  • स्वभाव में बदलाव है मुख्यत: प्रकृति में बदलाव

  •  
  • I
  • स्वभाव में बदलाव है प्रकृति में बदलाव।
  • नहीं दिखती प्रकृति किसी के व्यवहार में,
  • इसमें शामिल हैं अर्थ और मोल जीवन के,
  • इसमें शामिल हैं मूल्य इंसानी जीवन के,
  • इसमें शामिल हैं आत्मा की गहरी बातें, सार इंसान के अस्तित्व का।
  • II
  • अगर परमेश्वर के कार्य को अनुभव कर,
  • सत्य में पूरी तरह प्रवेश कर ले इंसान,
  • अगर अपने मूल्य, जीवन के प्रति नज़रिया बदल ले इंसान,
  • और परमेश्वर की तरह ही चीज़ों को देखे इंसान,
  • अगर परमेश्वर के आगे ख़ुद को झुका सके, समर्पित हो सके इंसान,
  • तो स्वभाव से बदल जाएगा इंसान।
  • अगर स्वीकार न करे सत्य को इंसान,
  • तो इन पहलुओं में उसके नहीं आ सकता बदलाव।
  • III
  • लोग या चीज़ें चाहे जैसे बदल जाएँ,
  • या दुनिया चाहे उलट-पुलट हो जाए,
  • अंदर की सच्चाई रहनुमा है तेरी अगर,
  • सच्चाई जड़ जमा लेती है तेरे भीतर अगर,
  • परमेश्वर के वचन रहनुमाई करते हैं, तेरे जीवन की, हितों की अगर,
  • वो रहनुमाई करते हैं तेरे अनुभव की अगर,
  • तो सचमुच बदल जाएगा तू,
  • तो सचमुच बदल जाएगा तू।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-आराधना के गी

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके जिनशिंग, दक्षिणी कोरिया भाइयो और बहनो, आप सबको प्रभु की शांति मिले! अ...