- परमेश्वर के हृदय से बेहतर नहीं है दिल कोई
- I
- मैंने परमेश्वर को प्रेम करना चुना है,
- उनके न्याय और शुद्धिकरण को मुझे स्वीकारना है।
- ज़रा से दर्द के बावजूद, मुझमें परमेश्वर के प्रेम का गहन ज़ायका है।
- भ्रष्ट स्वभाव के साथ, न्याय और ताड़ना के लायक है इंसान।
- सत्य है परमेश्वर का वचन,
- गलत नहीं समझना चाहिए परमेश्वर की इच्छा को मुझे।
- हालाँकि मुश्किलें बहुत हैं, आशीष है परमेश्वर का प्रेम पाना भी।
- मुश्किलों ने सिखाई मुझे फ़रमाबरदारी;
- परमेश्वर के हृदय से बेहतर नहीं दिल कोई।
- II
- आत्म-चिंतन करता हूँ तो अक्सर बहुत ज़्यादा मलिनता पाता हूँ।
- अगर प्रयास न करूँ, तो मैं पूर्ण नहीं हो सकता हूँ।
- दिन-ब-दिन रहकर परमेश्वर के साथ,
- कितने प्रिय हैं परमेश्वर मैं देखता हूँ।
- परमेश्वर के वचनों के प्रकटन और न्याय से,
- अपनी भ्रष्टता के सत्य को मैं देखता हूँ।
- हालाँकि मुश्किलें बहुत हैं, आशीष है परमेश्वर का प्रेम पाना भी।
- मुश्किलों ने सिखाई मुझे फ़रमाबरदारी;
- परमेश्वर के हृदय से बेहतर नहीं दिल कोई।
- III
- परमेश्वर की जाँच से मुझे अहसास होता अपनी कमियों का।
- सत्य एकदम साफ़ हो जाता है,
- जब संगति के लिये अपना दिल खोलता हूँ।
- परमेश्वर के स्वभाव के अपमान के ख़्याल से, मैं काँप जाता हूँ।
- सजग रहूँगा मैं विद्रोह न करूँ, उन्हें कोई कष्ट न दूँ।
- हालाँकि मैं परमेश्वर को प्रेम करना चुनता हूँ,
- मगर मेरे प्यार में मिलावट है मेरे ही विचारों की।
- जहाँ पहुँचा था पतरस, वहाँ पहुँचने का मुझे प्रयास करना है।
- कैसे भी देखें मेरे प्यार को परमेश्वर,
- मेरी एकमात्र ख़्वाहिश है, मैं परमेश्वर को प्रसन्न करूँ।
- हालाँकि मुश्किलें बहुत हैं, आशीष है परमेश्वर का प्रेम पाना भी।
- हालाँकि मुश्किलें बहुत हैं, आशीष है परमेश्वर का प्रेम पाना भी।
- मुश्किलों ने सिखाई मुझे फ़रमाबरदारी;
- परमेश्वर के हृदय से बेहतर नहीं दिल कोई।
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-मसीही गीत
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