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गुरुवार, 18 अप्रैल 2019

आराधना के गी-एक नया व्यक्ति बनो और परमेश्वर के दिल को दो तसल्ली



  • आराधना गीत
  • एक नया व्यक्ति बनो और परमेश्वर के दिल को दो तसल्ली 

  • I
  • तुमने झांका है मेरे दिल में, भरा है अहंकार मुझ में।
  • मुझे लगता है हूँ बहुत अच्छा मैं, हर चीज़ से हूँ ऊपर मैं।
  • सबसे श्रेष्ठ और आत्मसंतुष्ट, मेरी प्रकृति बदलना है मुश्किल।
  • अवमानना से परे, मैं हूँ अधम।
  • मानवता खो गई है। मानवता खो गई है।
  • मेरा दिल पिघलाते हैं तुम्हारे वचन। तुम्हारे सामने आया हूँ मैं।
  • तुम्हारे वचनों के अनुसार जीना चाहता हूँ मैं,
  • जीवन की उजली राह पर चलना चाहता हूँ मैं।

सोमवार, 11 मार्च 2019

मसीही गीत-परमेश्वर के हृदय से बेहतर नहीं है दिल कोई



  •  
  • I
  • मैंने परमेश्वर को प्रेम करना चुना है,
  • उनके न्याय और शुद्धिकरण को मुझे स्वीकारना है।
  • ज़रा से दर्द के बावजूद, मुझमें परमेश्वर के प्रेम का गहन ज़ायका है।
  • भ्रष्ट स्वभाव के साथ, न्याय और ताड़ना के लायक है इंसान।
  • सत्य है परमेश्वर का वचन,
  • गलत नहीं समझना चाहिए परमेश्वर की इच्छा को मुझे।
  • हालाँकि मुश्किलें बहुत हैं, आशीष है परमेश्वर का प्रेम पाना भी।

शनिवार, 23 फ़रवरी 2019

मसीही गीत-काम परमेश्वर का, आगे बढ़ता रहता है



मसीही गीत-काम परमेश्वर का, आगे बढ़ता रहता है

  • I
  • काम परमेश्वर का, आगे बढ़ता रहता है;
  • हालाँकि लक्ष्य नहीं बदलता,
  • मगर साधन उसके काम के निरंतर बदलते रहते हैं,
  • और उसी तरह उसका अनुसरण करने वाले भी बदलते रहते हैं।
  • जितना ज़्यादा कार्य परमेश्वर करता है,
  • इंसान उसे उतना ज़्यादा जान जाता है, पूरी तरह जान जाता है,
  • परमेश्वर के कार्य के साथ उसी के अनुरूप
  • उतना ही ज़्यादा इंसान का स्वभाव भी बदल जाता है।

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

मसीही गीत-सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है



मसीही गीत-सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है

  • I
  • एक बार परमेश्वर ने ऐसा कहा था:
  • परमेश्वर जो कहता उसके मायने हैं, होकर रहेगा,
  • कोई भी उसे बदल नहीं सकता।
  • वचन चाहे पहले कहे हों या आगे कहे जायेंगे,
  • कोई अंतर नहीं है, वो पूरे होकर रहेंगे, ताकि देख सके हर कोई
  • हर चीज़ जगत की तय करता है परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर।

रविवार, 27 जनवरी 2019

मसीही गीत-देहधारी परमेश्वर को बेहद चिंता है अपने अनुयायियों की



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • देहधारी परमेश्वर को बेहद चिंता है अपने अनुयायियों की

  •  
  • I
  • परमेश्वर ने देह बनकर, इंसानों के बीच रहकर,
  • देखी उनकी बुराई, और हालात ज़िंदगी के।
  • देहधारी परमेश्वर ने महसूस कीं इंसान की मजबूरियां,
  • इंसान की दयनीयता, इंसान का दुख-दर्द।
  • देह में परमेश्वर अपने सहज-ज्ञान से, हो गये ज़्यादा दयालु
  • मानव की हालत के लिये, हो गये ज़्यादा चिंतित अपने भक्तों के लिये।
  • अपने भक्तों के लिये।
  • अपने भक्तों के लिये।

शुक्रवार, 16 नवंबर 2018

शरीर त्यागने का अभ्यास

  • शरीर त्यागने का अभ्यास

  •  
  • I
  • गर ऐसा कुछ हो जाए जिसमें सहनी पड़ें मुश्किलेंतुझे,
  • तो उस वक्त परमेश्वर की इच्छा को समझ और ध्यान में रख।
  • ख़ुद को संतुष्ट न कर, ख़ुद को दरकिनार कर।
  • शरीर से अधम और कुछ भी नहीं।
  • तू परमेश्वर की खोज कर, उसे संतुष्ट कर, और अपना फर्ज़ पूरा कर।
  • परमेश्वर लाएगा इस मामले में
  • विशेष प्रबुद्धता ऐसे विचारों के संग,
  • और मिलेगी तेरे दिल को दिलासा।

गुरुवार, 15 नवंबर 2018

सच्चाई से जी कर ही तू दे सकता है गवाही

  • सच्चाई से जी कर ही तू दे सकता है गवाही

  •  
  • I
  • सत्य है जिनमें, वे ही ऐसे लोग हैं जो अपने अनुभव में,
  • मज़बूती से दे सकते हैं गवाही,
  • खड़े रह सकते हैं डटकर, परमेश्वर के पक्ष में,
  • कभी हटते नहीं पीछे, मौत आने तक मानते हैं हुक्म परमेश्वर का,
  • बनाए रखते हैं सामान्य रिश्ता उनसे, जो प्रेम करते हैं परमेश्वर से।
  • असल ज़िंदगी में तेरा अमल और अभिव्यक्ति
  • हैं गवाही परमेश्वर की।

मंगलवार, 13 नवंबर 2018

परमेश्वर इंसान को अधिकतम सीमा तक बचाना चाहता है


  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर इंसान को अधिकतम सीमा तक बचाना चाहता है

  •  
  • I
  • अपने उद्धार कार्य के दौरान,
  • जिनको बचाया जा सकता है,
  • अधिकतम सीमा तक उन्हें बचाएगा परमेश्वर,
  • और त्यागेगा किसी को नहीं परमेश्वर।
  • मगर जो बदल नहीं सकते स्वभाव अपना,
  • या जो पालन नहीं कर सकते परमेश्वर की आज्ञा का,
  • ऐसे लोग दण्ड के भागी होंगे।

गुरुवार, 23 अगस्त 2018

परमेश्वर मूल्यवान मानता है उनको जो उसकी सुनते और उसका आदेश मानते हैं



  • जो उसकी सुनते और उसका आदेश मानते हैं 

  • I
  • परमेश्वर को नहीं फर्क पड़ता हो मनुष्य नम्र या महान।
  • जब तक वह सुनता है परमेश्वर की,
  • मानता है परमेश्वर के आदेश और जो सौंपता है परमेश्वर,
  • जुड़ा रहता है उसके कार्य, उसकी योजना और उसकी इच्छा से,
  • जिससे कि उसकी इच्छा और योजना बढ़ सकें बिना अड़चन के,
  • ऐसे कार्य हैं योग्य, योग्य परमेश्वर की स्मृति के,
  • और हैं योग्य प्राप्ति के, प्राप्ति उसके आशीष की।

सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

Hindi Christian Song "एक निर्मित प्राणी के दिल की आवाज़" | A Song of Praise From Christians' Hearts



Hindi Christian Song "एक निर्मित प्राणी के दिल की आवाज़" | A Song of Praise From Christians' Hearts

मैंने चाहा रोना, कोई जगह नहीं थी सही। मैंने चाहा गाना, मिला नहीं कोई गीत।
न बता पाए मुझे होता जो महसूस।
मैंने चाहा एक निर्मित प्राणी के प्रेम का करना इज़हार। ऊपर-नीचे ढूंढा, पर कोई वचन न बता पाए,
इंसान आया धूल से, और परमेश्वर ने दी उसे ज़िंदगी।

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