- आराधना गीत
- हे प्रभु, कहाँ हो तुम?
- I
- हे प्रभु, फ़रीसियों के अधीन, जी रहे हैं हम,
- उन्हीं के काबू में हैं, उनके जाल में फॅसे हैं हम।
- सुनते हैं बोलते हैं बाइबल का ज्ञान, हर रोज़ हम।
- समझ न पाएं परमेश्वर के वचन, अमल में लाएं कैसे,
- बस उन्हीं रस्मों में जी रहे हैं हम।
- परमेश्वर का हुकुम मान नहीं पाते हैं,
- क्या है उसका आज्ञापालन, क्या है उसकी इच्छा पालन,
- हम समझ नहीं पाते हैं।