- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- सच्चाई से जी कर ही तू दे सकता है गवाही
- I
- सत्य है जिनमें, वे ही ऐसे लोग हैं जो अपने अनुभव में,
- मज़बूती से दे सकते हैं गवाही,
- खड़े रह सकते हैं डटकर, परमेश्वर के पक्ष में,
- कभी हटते नहीं पीछे, मौत आने तक मानते हैं हुक्म परमेश्वर का,
- बनाए रखते हैं सामान्य रिश्ता उनसे, जो प्रेम करते हैं परमेश्वर से।
- असल ज़िंदगी में तेरा अमल और अभिव्यक्ति
- हैं गवाही परमेश्वर की।
- जिसे इंसान को चाहिये जीना।
- यही है असल में परमेश्वर के प्यार का आनन्द लेना।
- जब पहुँचेगा तू यहाँ, तो हासिल होगा उपयुक्त नतीजा।
- II
- तेरे पास है असल बर्ताव सत्य के अमल का।
- तेरा हर काम सराहा जाता है दूसरों द्वारा।
- सादा है तेरा बाहरी रूप मगर, जीता है धर्मपरायणता का जीवन तू।
- परमेश्वर करता है प्रबुद्ध तुझे, जब साझा करता है परमेश्वर के वचनों को तू।
- III
- अपने शब्दों से इच्छा परमेश्वर की तू बोल पाता है,
- सच्चाई बोलता है, आत्मा में सेवा को समझता है,
- अपनी ज़बान में तू खरा है,
- शालीन है, सरल है, अशांत नहीं है,
- परमेश्वर की योजना का पालन कर सकता है,
- अपनी गवाही में डटा रह सकता है।
- जब आ जाती है कोई बात तुझ पर, तो तू शांत-स्थिर रहता है।
- परमेश्वर के प्यार को ऐसे ही इंसान ने देखा है।
- असल ज़िंदगी में तेरा अमल और अभिव्यक्ति
- हैं गवाही परमेश्वर की,
- जिसे इंसान को चाहिये जीना।
- यही है असल में परमेश्वर के प्यार का आनन्द लेना।
- जब पहुँचेगा तू यहाँ, तो हासिल होगा उपयुक्त नतीजा।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-मसीही गीत
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें