मसीही गीत-सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है
- I
- एक बार परमेश्वर ने ऐसा कहा था:
- परमेश्वर जो कहता उसके मायने हैं, होकर रहेगा,
- कोई भी उसे बदल नहीं सकता।
- वचन चाहे पहले कहे हों या आगे कहे जायेंगे,
- कोई अंतर नहीं है, वो पूरे होकर रहेंगे, ताकि देख सके हर कोई
- हर चीज़ जगत की तय करता है परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर।
- परमेश्वर के हाथों में क्या नहीं है?
- जो कहता है परमेश्वर होता वही है, वो होकर रहेगा।
- परमेश्वर की चाहत को कौन बदल सकता है?
- परमेश्वर की योजना को बढ़ने से कौन रोक सकता है?
- हर समय परमेश्वर काम में लगा है। सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है।
- ताकि देख सके हर कोई
- हर चीज़ जगत की तय करता है परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर।
- II
- परमेश्वर सदा लगा है अपने प्रबंधन की योजना में।
- बाधा भला डाल सकता है कौन?
- क्या रचता नहीं प्रभु अब भी सभी कुछ?
- चीज़ें जिस हालत में पहुंची हैं आज,
- हैं अब भी प्रभु की नज़र और योजना में।
- जगत की हर एक चीज़ तय करता प्रभु है।
- परमेश्वर के हाथों में क्या नहीं है?
- जो कहता है परमेश्वर होता वही है, वो होकर रहेगा।
- परमेश्वर की चाहत को कौन बदल सकता है?
- परमेश्वर की योजना को बढ़ने से कौन रोक सकता है?
- हर समय परमेश्वर काम में लगा है। सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है।
- ताकि देख सके हर कोई
- हर चीज़ जगत की तय करता है परमेश्वर। परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर।
- III
- यह सब पहले ही तय कर दिया है प्रभु ने।
- प्रभु-जन सुनेंगे आवाज़ उसकी।
- वे सब जिन्हें है सच्चा प्यार प्रभु
- से वापस आयेंगे उस सिंहासन के आगे जहां वो विराजता!
- जगत की हर एक चीज़ तय करता प्रभु है।
- जगत की हर एक चीज़ तय करता प्रभु है।
- परमेश्वर के हाथों में क्या नहीं है?
- जो कहता है परमेश्वर होता वही है, वो होकर रहेगा।
- परमेश्वर की चाहत को कौन बदल सकता है?
- परमेश्वर की योजना को बढ़ने से कौन रोक सकता है?
- हर समय परमेश्वर काम में लगा है। सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है।
- ताकि देख सके हर कोई
- हर चीज़ जगत की तय करता है परमेश्वर,
- परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-मसीही गीत
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