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रविवार, 28 जुलाई 2019

अपने दिल से सुनने के बाद, मैंने प्रभु की वापसी का स्वागत किया है

अपने दिल से सुनने के बाद, मैंने प्रभु की वापसी का स्वागत किया है

मैक्स, संयुक्त राज्य अमेरिका
1994 में, मेरा जन्म संयुक्त राज्य में हुआ था। मेरे माता-पिता दोनों चीनी थे। मेरी मां एक सफल कामकाजी महिला का विशिष्ट उदाहरण थी। वह अपने बारे में सोचने में सक्षम है और काफी निपुण है। मैं अपनी मां से बहुत प्यार करता हूं। जब मैं दूसरी कक्षा में था, तो मेरे माता-पिता मुझे अध्ययन करने के लिए चीन वापस ले गए ताकि मैं चीनी सीख सकूं। इसी दौरान मैंने प्रभु यीशु से परिचित होना शुरू किया था।

बुधवार, 24 जुलाई 2019

जब प्रभु यीशु को सलीब पर चढ़ाया गया तो उसने कहा, "यह समाप्त हो गया" जो दर्शाता है कि मानवजाति के लिए परमेश्वर का उद्धार का कार्य पूरा हो गया था। तो आप कैसे कह सकते हैं कि परमेश्वर ने मानवजाति का न्याय करने, उसे शुद्ध करने और बचाने के लिए कार्य का एक और चरण किया है?

न्‍याय के विशेष प्रसंग-जब प्रभु यीशु को सलीब पर चढ़ाया गया तो उसने कहा, "यह समाप्त हो गया" जो दर्शाता है कि मानवजाति के लिए परमेश्वर का उद्धार का कार्य पूरा हो गया था। तो आप कैसे कह सकते हैं कि परमेश्वर ने मानवजाति का न्याय करने, उसे शुद्ध करने और बचाने के लिए कार्य का एक और चरण किया है?

जब प्रभु यीशु को सलीब पर चढ़ाया गया तो उसने कहा, "यह समाप्त हो गया" जो दर्शाता है कि मानवजाति के लिए परमेश्वर का उद्धार का कार्य पूरा हो गया था। तो आप कैसे कह सकते हैं कि परमेश्वर ने मानवजाति का न्याय करने, उसे शुद्ध करने और बचाने के लिए कार्य का एक और चरण किया है?

जब यीशु आया, तो उसने भी परमेश्वर के कार्य का एक भाग पूरा किया, और कुछ वचनों को कहा—किन्तु वह कौन सा प्रमुख कार्य था जो उसने सम्पन्न किया? उसने मुख्यरूप से जो संपन्न किया, वह था सलीब पर चढ़ने का कार्य। क्रूस पर चढ़ने का कार्य पूरा करने और समस्त मानवजाति को छुटकारा दिलाने के लिए वह पापमय शरीर की समानता बन गया, और यह समस्त मानवजाति के पापों के वास्ते था कि उसने पापबलि के रूप में सेवा की। यही वह मुख्य कार्य है जो उसने सम्पन्न किया।

सोमवार, 15 जुलाई 2019

यह अवश्य ज्ञात होना चाहिए कि केवल परमेश्वर के कार्य के तीन चरण ही मानवजाति को बचाने के लिए उसका पूरा कार्य हैं

परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों पर उसका प्रवचन हमारे लिए यह स्पष्ट रूप से देखने के लिए पूरी तरह से पर्याप्त है कि यह चरण दर चरण के आधार पर बना है, और प्रत्येक चरण घनिष्ठता से अगले से जुड़ा हुआ है। कार्य का प्रत्येक और हर एक चरण बहुत ही व्यावहारिक और उचित है, और यह कार्य के केवल तीन चरण ही हैं जो मानवजाति को बचाने का पूरा कार्य हैं, और परमेश्वर के कार्य के तीन चरण मानवजाति को बचाने के लिए उसकी प्रबंधन योजना हैं। यही कारण है कि केवल तीन चरणों को समझना ही वास्तव में परमेश्वर के कार्य को समझना है, और केवल इसी तरह से ही परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव और उसके सार को पूरी तरह समझना संभव है।

रविवार, 14 जुलाई 2019

लोगों के बचाने और सिद्ध करने के लिए परमेश्वर के कार्य के तीन चरण कैसे धीरे-धीरे गहरे होते जाते है

सुसमाचार के प्रश्नोत्तर-लोगों के बचाने और सिद्ध करने के लिए परमेश्वर के कार्य के तीन चरण कैसे धीरे-धीरे गहरे होते जाते है?
परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन:
परमेश्वर के प्रबंधन का कार्य संसार की उत्पत्ति से प्रारम्भ हुआ था और मनुष्य उसके कार्य का मुख्य बिन्दु है। ऐसा कह सकते हैं कि परमेश्वर की सभी चीज़ों की सृष्टि, मनुष्य के लिए ही है। क्योंकि उसके प्रबंधन का कार्य हज़ारों सालों से अधिक में फैला हुआ है, और यह केवल एक ही मिनट या सेकंड में या पलक झपकते या एक या दो सालों में पूरा नहीं होता है, उसे मनुष्य के अस्तित्व के लिए बहुत-सी आवश्यक चीज़ों का निर्माण करना पड़ा जैसे सूर्य, चंद्रमा, सभी जीवों का सृजन और मानवजाति के लिए आहार और रहने योग्य पर्यावरण। यही परमेश्वर के प्रबंधन का प्रारम्भ था।

गुरुवार, 4 जुलाई 2019

Hindi Gospel Crosstalk | समूचे शहर पर इलेक्ट्रॉनिक नज़रें | Means of CCP's Persecution of Christians

Hindi Gospel Crosstalk | समूचे शहर पर इलेक्ट्रॉनिक नज़रें | The Means of the CCP's Persecution of Christians

जन सुरक्षा के नाम पर, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी हर जगह इलेक्ट्रॉनिक आँखें लगा रही है, जिसका असली उद्देश्य मतभेद रखने वालों पर धावा बोलने और धार्मिक विश्वासियों पर अत्याचार करने के लिए उच्च-तकनीकी साधनों का उपयोग करना है। ऐसी तीव्र निगरानी के चलते ईसाई लोग ज़िंदा रहने की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

सोमवार, 6 मई 2019

परमेश्वर के वचन-परमेश्वर मानवजाति को क्यों बचाना चाहता है?

परमेश्वर के वचन-परमेश्वर मानवजाति को क्यों बचाना चाहता है?

परमेश्वर के वचन-परमेश्वर मानवजाति को क्यों बचाना चाहता है?

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन:
आरंभ में परमेश्वर विश्राम कर रहा था। उस समय पृथ्वी पर कोई मनुष्य या अन्य कुछ भी नहीं था, और परमेश्वर ने किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं किया था। परमेश्वर ने अपने प्रबंधन के कार्य को केवल तब आरंभ किया जब एक बार मानवजाति अस्तित्व में आ गई और एक बार जब मानव जाति भ्रष्ट कर दी गई। इसके बाद से, परमेश्वर ने अब और विश्राम नहीं किया बल्कि इसके बजाय उसने स्वयं को मनुष्यजाति के बीच व्यस्त रखना आरंभ कर लिया।

शनिवार, 27 अप्रैल 2019

Hindi Gospel Movie | मैं एक नेक इंसान हूँ! | How to Be Good People in the Eyes of God


Hindi Gospel Movie | मैं एक नेक इंसान हूँ! | How to Be Good People in the Eyes of God


ईसाई धर्म में आस्था रखने वाली यांग हुईशिन को बचपन से ही एक अच्छा इंसान बनना पसंद था। उसे किसी को नाराज़ करना अच्छा नहीं लगता। वह मानती है कि वह एक अच्छी इंसान है, क्योंकि वह दयालु है और सबके साथ सहमति बनाकर चलती है। लेकिन अंत के दिनों के परमेश्वर के सुसमाचार को स्वीकारने और परमेश्वर के वचनों के न्याय और ताड़ना से गुज़रने के बाद ही, उसमें एक जागृति आती है।

रविवार, 21 अप्रैल 2019

परिवार-वह कौन था जिसने उसके विवाह को बचा लिया?

परिवार-वह कौन था जिसने उसके विवाह को बचा लिया?

यांग ज़ी, ह्यूबे
वह अभी बीस साल की हुई थी, उसके पास एक खूबसूरत डील-डौल था और वह फूल की तरह सुंदर दिखती थी, और उसके पीछे कई चाहने वाले घूमते थे। लेकिन उसने इस ओर तब तक ध्यान नहीं दिया जब उसकी एक सहेली ने एक दिन उसे बाहर जाने के लिए आमंत्रित किया जहाँ संयोग से उसकी मुलाकात लिन से हुई। लिन लगभग 6 फीट लंबा था, एक प्रभावशाली चाल-ढाल के साथ वह ऊँचा और सुंदर था।

शनिवार, 20 अप्रैल 2019

एक ईसाई का अनुभव: मेरी पत्नी और मेरे बीच एक शीत युद्ध के बाद समरसता आयी (भाग 2)

ली क्वान
बहरहाल, जब मैंने अपनी पत्नी के साथ सुसमाचार को साझा किया, तो उसने इसे स्वीकार नहीं किया। फिर, मैंने कलीसिया के भाई-बहनों से कहा कि वे आएँ और मेरी पत्नी के साथ सुसमाचार को साझा करें, लेकिन वह अभी भी सुनने की इच्छुक नहीं थी और वह उन्हें मेहमानों के रूप में भी नहीं चाहती थी। इन परिस्थितियों के सन्दर्भ में, मैं अपनी पत्नी के लिए अपनी उत्सुक इच्छाओं को केवल परमेश्वर को सौंप सकता था।

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

एक ईसाई का अनुभव: मेरी पत्नी और मेरे बीच एक शीत युद्ध के बाद समरसता आयी (भाग 1)

एक ईसाई का अनुभव: मेरी पत्नी और मेरे बीच एक शीत युद्ध के बाद समरसता आयी (भाग 1)

ली क्वान

जब मैं छोटा था, मेरी माँ और मेरे पिताजी के बीच अक्सर बहस होती थी, और मेरी माँ को अक्सर मेरे पिता के हाथों मार और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। माँ ने अपने दिल में इतना मालिन्य भर लिया कि वह काफ़ी छोटी ही गुज़र गईं। उसके बाद मैंने खुद से वादा किया: जब मैं बड़ा हो जाऊँगा और एक परिवार को शुरू करूँगा, तो मैं अपनी पत्नी के साथ अच्छा व्यवहार करूँगा और एक प्रसन्न और शांत परिवार का सर्जन करूँगा। मैं अपने माता-पिता के विवाह की असफलताओं को नहीं दोहराऊँगा।

बुधवार, 17 अप्रैल 2019

सुसमाचारीय संगीत-चल रहा हूँ पथ पर राज्य की ओर मैं



  • आराधना गीत
  • चल रहा हूँ पथ पर राज्य की ओर मैं 

  • I
  • चल रहा हूँ राज्य की ओर,
  • पढ़ रहा हूँ वचन परमेश्वर के, करता हूँ मैं आदर उनका।
  • ओह, इतने सार्थक वचन,
  • बेहद सच्चे, नक्श हो गये दिल पर मेरे।
  • हे परमेश्वर, फ़िक्र है तुम्हें,
  • कहीं धोखा न दे दे, टुकड़े न कर दे शैतान मेरे।
  • राह दिखाई तुम्हारे वचनों ने मुझे,
  • सच्चा जीवन दिया, इस पथ पर पहुँचाया मुझे।

मंगलवार, 16 अप्रैल 2019

जीवन के लिए संगीत-अंधेरे और दमन के बीच उठ खड़े होना



  • आराधना गीत
  • अंधेरे और दमन के बीच उठ खड़े होना

  •  
  • I
  • मज़बूत इच्छा के साथ बुराई की गर्जना के खिलाफ़ हूं मैं खड़ा।
  • कठिन राह पर, मेरा दिल हो जाता है दृढ़ और मज़बूत।
  • सच्चा प्रकाश करता है मेरा मार्गदर्शन, मैं चलूंगा उसके पीछे।
  • मानव जाति है बहुत क्रूर, परमेश्वर के लिए कहाँ है जगह?
  • शैतानों की शासित भूमि में परमेश्वर पर विश्वास है बहुत मुश्किल।
  • मैं शैतान को त्याग दूंगा, परमेश्वर के पीछे चलूंगा।
  • परमेश्वर से प्यार करता हुआ मेरा दिल, फैलाएगा रोशनी और गर्मी,
  • अंत तक वफ़ादार रहेगा,
  • परमेश्वर को महिमान्वित करने के लिए देगा गवाही।

सोमवार, 15 अप्रैल 2019

सुसमाचारीय संगीत-परमेश्वर हमारी आत्माओं को एक बार फिर प्रेरित करे



  • आराधना गीत
  • परमेश्वर हमारी आत्माओं को एक बार फिर प्रेरित करे

  •  
  • I
  • हे परमेश्वर, धरती के लोगों पर,
  • तुम्हारा आत्मा बरसाए अनुग्रह,
  • ताकि मेरा दिल पूरी तरह हो जाए तुम्हारा,
  • ताकि मेरी आत्मा हो सके प्रेरित,
  • अपनी आत्मा और दिल में मैं देख सकूं तुम्हारी मनोरमता,
  • धरती के लोग देख सकें तुम्हारी सुंदरता।
  • हे परमेश्वर, तुम्हारा आत्मा एक बार फिर प्रेरित करे हमारी आत्माएं।
  • हमारी आत्माओं को करे प्रेरित, ताकि हमारा प्रेम रहे हमेशा,
  • बदले न कभी।

रविवार, 14 अप्रैल 2019

सुसमाचारीय संगीत-परमेश्वर का अनुग्रह है समुन्दर से भी गहरा



  • आराधना गीत

  •  
  • I
  • परमेश्वर के अनुग्रह की गिनती से बहते हैं मेरे आँसू।
  • बंद होंठों के पीछे, मेरे गले में हैं सिसकियां।
  • जब मैं भूखा था, बिना शक्ति के, तुमने मुझे दिया सबसे अच्छा पोषण।
  • जब मैं था दर्द में और निराश,
  • किया गया मुझे अपमानित, छोड़ दिया गया मुझे,
  • तुम्हारे हाथों ने पोंछे मेरे आंसू, तुमने दी मुझे सांत्वना।
  • ओह परमेश्वर! जब मैं कांप रहा था ठंड से,
  • ओह परमेश्वर! तुमने पहुंचाई थी मुझे गर्माहट।
  • जब कठिनाइयां थीं बहुत कठिन, तुमने की मुझ पर दया।

गुरुवार, 14 मार्च 2019

आराधना के गी-एक निर्मित प्राणी के दिल की आवाज़



  • एक निर्मित प्राणी के दिल की आवाज़

  •  
  • I
  • मैंने चाहा रोना, कोई जगह नहीं थी सही।
  • मैंने चाहा गाना, मिला नहीं कोई गीत।
  • मैंने चाहा एक निर्मित प्राणी के प्रेम का करना इज़हार।
  • ऊपर-नीचे ढूंढा, पर कोई वचन न बता पाए,
  • न बता पाए मुझे होता जो महसूस।
  • व्यावहारिक और सच्चे परमेश्वर, मेरे भीतर के प्रेम।
  • स्तुति में आपकी मैं उठाऊँ अपने हाथ,
  • हूँ ख़ुश कि आप आए इस दुनिया में, इस दुनिया में,
  • इस दुनिया में, इस दुनिया में।

मंगलवार, 5 मार्च 2019

भ्रष्ट मानवजाति को देह धारण किए हुए परमेश्वर के उद्धार की अत्यधिक आवश्यकता है भाग दो



भ्रष्ट मानवजाति को देह धारण किए हुए परमेश्वर के उद्धार की अत्यधिक आवश्यकता है भाग दो

मनुष्य को शैतान के द्वारा भ्रष्ट कर दिया गया है, और वह परमेश्वर के सभी जीवधारियों में सबसे ऊपर है, अतः मनुष्य को परमेश्वर के उद्धार की आवश्यकता है। परमेश्वर के उद्धार का विषय मनुष्य है, न कि शैतान, और जिसे बचाया जाना चाहिए वह मनुष्य की देह है, एवं मनुष्य का प्राण है, और शैतान नहीं है। शैतान परमेश्वर के सम्पूर्ण विनाश का विषय है, मनुष्य परमेश्वर के उद्धार का विषय है, और मनुष्य के शरीर को शैतान के द्वारा भ्रष्ट किया जा चुका है, अतः जिसे पहले बचाना है वह मनुष्य का शरीर ही होगा।

सोमवार, 4 मार्च 2019

भ्रष्ट मानवजाति को देह धारण किए हुए परमेश्वर के उद्धार की अत्यधिक आवश्यकता है भाग एक



भ्रष्ट मानवजाति को देह धारण किए हुए परमेश्वर के उद्धार की अत्यधिक आवश्यकता है भाग एक

परमेश्वर ने देहधारण किया क्योंकि शैतान का आत्मा, या कोई अभौतिक चीज़ उसके कार्य का विषय नहीं है, परन्तु मनुष्य है, जो शरीर से बना है और जिसे शैतान के द्वारा भ्रष्ट किया गया है। निश्चित रूप से चूँकि मनुष्य की देह को भ्रष्ट किया गया है इसलिए परमेश्वर ने हाड़-मांस के मनुष्य को अपने कार्य का विषय बनाया है; इसके अतिरिक्त, क्योंकि मनुष्य भ्रष्टता का विषय है, उसने मनुष्य को अपने उद्धार के कार्य के समस्त चरणों के दौरान अपने कार्य का एकमात्र विषय बनाया है। मनुष्य एक नश्वर प्राणी है, और वह हाड़-मांस एवं लहू से बना हुआ है, और एकमात्र परमेश्वर ही है जो मनुष्य को बचा सकता है।

शनिवार, 26 जनवरी 2019

सुसमाचारीय संगीत-ख़ामोशी से आता है हमारे मध्य परमेश्वर



  • ख़ामोशी से आता है हमारे मध्य परमेश्वर

  •  
  • I
  • मौन है परमेश्वर, सामने हमारे कभी प्रकट हुआ नहीं,
  • फिर भी कार्य उसका कभी रुका नहीं।
  • नज़र रखता है पूरी धरती पर, नियंत्रित करता है हर चीज़ को।
  • देखता है इंसान के सभी शब्दों को और काम को।
  • उसकी योजना के मुताबिक पूरा होता है धीरे-धीरे उसका प्रबंधन।
  • ख़ामोश, मगर बढ़ते हैं इंसान के करीब उसके कदम।
  • न्याय-पीठ उसकी तैनात होती है कायनात में,
  • उसके बाद होता है अवरोहण उसके सिंहासन का हमारे मध्य में,
  • उसके सिंहासन का हमारे मध्य में।

बुधवार, 23 जनवरी 2019

मसीही गीत-मानव जाति पर परमेश्वर की करुणा



  •  
  • I
  • "दया" को..... कई तरीकों से समझ सकते है
  • इसका मतलब तो प्यार, सुरक्षा और देखभाल है
  • "दया"...का मतलब प्रभु से लगाव है
  • लेकिन ज्यादा स्नेह किसी के नुकसान के लिए नहीं है
  • जो उसके प्यार और कोमलता का छाया मात्र है
  • और इस भावना को हम कभी भी खोना नहीं चाहेंगे
  • यह परमेश्वर का रहम और सहनशीलता है इंसानों पर

शनिवार, 19 जनवरी 2019

मसीही गीत-परमेश्वर के प्रबंधन का उद्देश्य मानव जाति को बचाना है



मसीही गीत-परमेश्वर के प्रबंधन का उद्देश्य मानव जाति को बचाना है

  •  
  • I
  • परमेश्वर के प्रबंधन की
  • एक-एक चीज़ में दिखता है।
  • परमेश्वर के प्रबंधन की
  • एक-एक चीज़ में दिखता है
  • उसका प्रेम और उसकी दया।
  • उसका प्रेम और उसकी दया।
  • परमेश्वर के प्रबंधन की
  • एक-एक चीज़ में दिखता है
  • उसका प्रेम और उसकी दया।
  • उसका प्रेम और उसकी दया।

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके जिनशिंग, दक्षिणी कोरिया भाइयो और बहनो, आप सबको प्रभु की शांति मिले! अ...