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मंगलवार, 18 सितंबर 2018

परमेश्वर तुम्हारे हृदय और रूह को खोज रहा


  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन

  •  
  • I
  • मानव, जिन्होंने त्यागा है सर्वशक्तिमान का दिया जीवन,
  • अस्तित्व में क्यों वे हैं जानें ना, फिर भी डरते हैं मृत्यु से।
  • न कोई सहारा, न मदद,
  • फिर भी मानव आँखों को बंद करने में अनिच्छुक है,
  • ज़ुर्रत कर, दिखाता है एक अशोभनीय अस्तित्व, इस जहां में,
  • बिन आत्माओं की चेतना के शरीरों में।
  • जीते हो तुम आशा के बिन।
  • जैसे जीता है वो लक्ष्य के बिन।
  • रिवायत में एक ही बस पवित्र जन है,
  • रिवायत में एक ही बस पवित्र जन है,
  • आएगा जो बचाने उन्हें रोएं जो कष्ट से
  • और हताश हो तड़पते हैं उसके आगमन के लिए।
  • इन लोगों में जो हैं अभी अचेत,
  • यह विश्वास नहीं है जगाया जा सकता।
  • फिर भी लोगों में इसे प्राप्त करने की इच्छा है।
  • II
  • सर्वशक्तिमान को है करुणा उनपे जो पीड़ा में हैं।
  • और साथ ही वो ऊब चुका है इनसे जो हैं बेहोश,
  • क्योंकि करना होता है उसको बहुत इंतज़ार
  • मनुष्य से पाने को जवाब।
  • वो चाहता है ढूंढना तुम्हारे दिल और रूह को।
  • वो देना चाहता है भोजन और पानी तुम्हें।
  • जगाना चाहता है,
  • वो तुम्हें ताकि तुम भूखे और प्यासे न रहो।
  • और जब तुम थक जाते हो,
  • और जब तुम खुद को अकेला पाते हो, अपने इस संसार में,
  • न घबराना तुम, न रोना तुम।
  • सर्वशक्तिमान ईश्वर,
  • किसी भी समय तुम्हारे आगमन को गले लगा लेगा।
  • III
  • निगरानी वो कर रहा, इंतज़ार में तुम्हारे लौटने के।
  • तुम्हारे याददाश्त लौटने का इंतज़ार वो कर रहा।
  • तुम्हारे जान जाने का कि तुम परमेश्वर से ही आये हो,
  • यह सत्य कि आये हो तुम परमेश्वर से ही।
  • एक दिन तुम राह खो कर, किसी तरह कहीं पे,
  • पड़े थे बेहोश किनारे एक सड़क के,
  • और फिर अनजाने में मिला तुमको “पिता”।
  • तुम्हें हो एहसास कि सर्वशक्तिमान वहां पहरे पर है।
  • इंतज़ार कर रहा है तुम्हारे वापस लौट आने का, एक अरसे से।
  • IV
  • वो बेहद चाहता है।
  • वो करता इंतज़ार प्रत्युत्तर के लिए बिन किसी जवाब के।
  • उसका इंतज़ार है अनमोल
  • और यह है दिल के लिए, मानव के रूह और दिल के लिए।
  • ये इंतज़ार शायद सदा ही रहेगा,
  • या शायद ये इंतज़ार अब अंत होने को है।
  • पर जानना तुम्हें
  • है चाहिए, कहाँ है तुम्हारा दिल और रूह? कहाँ हैं वे?
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन

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